सीतापुर जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर विकास खंड महमूदाबाद स्थित प्राथमिक विद्यालय छांगापुर में मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो वीडियो ने विद्यालय में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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वायरल वीडियो में ग्राम प्रधान के पुत्र मोनू विद्यालय की रसोइया अनीता से भोजन की गुणवत्ता को लेकर बहस करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में दोनों के बीच तीखी नोकझोंक साफ सुनाई देती है. वहीं दूसरे वीडियो में सब्जी की हालत भी दिखाई गई है, जिसमें बर्तन में अधिकतर पानी नजर आ रहा है और आलू के नाम पर केवल एक-दो टुकड़े दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो के वायरल होने के बाद अभिभावकों में नाराजगी फैल गई और बच्चों के भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे.

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प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने वीडियो में दिखाई बातों को मानने से किया इनकार

वहीं, विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका कल्पना वर्मा ने वायरल वीडियो में दिखाई गई बातों को पूरी तरह सही मानने से इनकार किया. उनका कहना है कि भोजन की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं थी, बल्कि रसोइया से सब्जी में अनजाने में थोड़ा अधिक पानी पड़ गया था, जिसकी वजह से यह स्थिति बनी.

उन्होंने दावा किया कि विद्यालय में बच्चों को हमेशा गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराया जाता है और भोजन बनाने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाती. प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने ग्राम प्रधान के पुत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि वह अक्सर नशे की हालत में विद्यालय पहुंचकर अनावश्यक विवाद करते हैं और विद्यालय का माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं.

वायरल वीडियो पर शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान

उधर, मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने भी इसे गंभीरता से लिया है. बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखनाथ पटेल ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच खंड शिक्षा अधिकारी उदयमणि पटेल को सौंपी गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

फिलहाल इस मामले ने एक बार फिर सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील की गुणवत्ता और उसकी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सभी की नजर शिक्षा विभाग की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है. मामले की जांच करने पहुंचे बीएसए दो गोरखनाथ पटेल ने पाया की सहायक अध्यापिका कल्पना वर्मा प्रथम दृष्टया दोषी है , जिन्हें निलंबित कर दिया गया है और जांच खंड विकास अधिकारी पहला पुष्पराज सिंह को सौंप दी है.

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