उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अपनी जमीन तैयार कर रही कांग्रेस पार्टी ने सामाजिक न्याय और सविधान की रक्षा एजेंडे के तहत पार्टी में कई पूर्व आईएएस व आईपीएस अधिकारियों को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करवाई. इनमें ज्यादातर सदस्य दलित और पिछड़े वर्ग से हैं. शामिल लोगों में किसान नेता रोहित जाखड़ भी हैं.
राज्यसभा सांसद मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा और उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम व ओबीसी विभाग के चेयरमैन डॉ अनिल जयहिंद की मौजूदगी में सभी को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करवाई गयी. इसके पीछे प्रदेश के दलित और पिछड़े वर्ग में राजनीतिक सन्देश देने का उद्देश्य साफ झलक रहा है.
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कौन-कौन शामिल हुए?
पार्टी के राज्य कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सदस्यता ग्रहण करने वालों में प्रमुख नाम हैं:
चौधरी खुशीराम (सेवानिवृत्त IAS) बी.पी. अशोक (पूर्व IPS) सुदेश कुमार (पूर्व DG) सुनील कुमार वर्मा (पूर्व PCS) डॉ. अनूप कुमार (अंबेडकरवादी एवं सामाजिक कार्यकर्ता) वकार चौधरी (पूर्व लोकसभा प्रत्याशी, BSP) सावित्री गौतम (राष्ट्रीय सचिव, RLD) विक्रांत गौतम (सेवानिवृत्त RTO) एडवोकेट मयंक कुमार, एडवोकेट श्री यादव रोहित जाखड़ (किसान नेता) सचिन (देश बचाओ आंदोलन) मोहित, डॉ. कृष्ण स्वरूप, आर.के. मेस्सी, राजेंद्र प्रसाद, अमित कुमार और अरुण बांसवाल
इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह के नेतृत्व में समाज विकास क्रांति पार्टी ने भी कांग्रेस को समर्थन देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है.
यूपी चुनाव 2027 पर नजर
कांग्रेस और सपा गठबंधन को बीते लोकसभा चुनाव 2024 में दलित और पिछड़े वर्ग के वोटों में काफी इजाफा हुआ था. उसी रणनीति को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अपना पुराना दलित वोट बैंक वापस लाना चाहती है. जिसके लिए उसने आज इन्ही वर्गों के नामचीन अधिकारियों को शामिल कर 2027 के चुनाव के लिए बड़ा राजनीतिक सन्देश दे दिया है. इसके साथ ही यह कदम राहुल गांधी के सामाजिक न्याय के एजेंडे को पूरा करता दिख रहा है.
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