यूपी विधानसभा के मानसून सत्र के बीच सतीश महाना ने असदुद्दीन ओवैसी के राम मंदिर वाले बयान पर टिप्पणी की है. दरअसल ओवैसी ने कहा था कि राम मंदिर में अगर मुसलमान होते तो चोरी नहीं होती. उनके इस बयान के बाद राजनीति गरमा गई है. ओवैसी के बयान को लेकर सतीश ने उनके ऊपर हिंदुओं का अपमान करने के आरोप लगा दिया है.

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उत्तर प्रदेश विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने कहा, "जिन्होंने कहा है कि अगर वहां मुसलमान होते तो चोरी नहीं होती उन्होंने पूरे हिंदु समाज पर कटाक्ष किया है. उनके हिसाब से सारे हिंदु चोर हैं. जो इंसान पूरे हिंदू समाज को कह रहा है और वहां के वही हिंदू समाज के लोग अगर उसके विरोध में कुछ बोल नहीं रहे हैं तो उनको (वहां के हिंदू लोगों को) इसके बारे में सोचना पड़ेगा कि ओवैसी ने जो कहा है, वो कुछ लोगों के लिए नहीं बल्कि पूरे हिंदू समाज पर कटाक्ष है.

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ओवैसी ने जताई थी स्पीकर के बयान पर आपत्ति

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के रशीद दिखाने वाले बयान पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने कहा, "अगर उत्तर प्रदेश विधानसभा के स्पीकर की कुर्सी पर बैठे सतीश महाना यह कहें कि, 'जिन लोगों ने राम मंदिर का विरोध किया, अगर उन्होंने दान दिया है, तो वे रसीद दिखाएं, फिर हम देखेंगे कि उनका पैसा चोरी हुआ या नहीं,' तो यह मामला सिर्फ एक बयान का नहीं, बल्कि खुद विधानसभा की गरिमा का है.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब विधानसभा का कोई चुना हुआ सदस्य अपनी आस्था के आधार पर चोरी को चोरी नहीं कह सकता. ओवैसी ने आगे पूछा, "क्या अब लोगों को हत्या को हत्या या डकैती को डकैती कहने से पहले अपने धर्म का हलफनामा देना होगा?"

हंगामेदार रहा सदन का मानसून सत्र

उत्तर प्रदेश की विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान सपा विधायकों की ओर से हंगामा किए जाने पर स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि सदन के भीतर सभी सदस्यों को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है. सरकार पूछे गए सवालों का जवाब देगी. लेकिन, सदन की कार्यवाही को बाधित करना ठीक नहीं है.

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