स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को उत्तर प्रदेश स्थित कन्नौज में सड़क किनारे बने एक अस्थायी शिविर में रात बितानी पड़ी. दावा किया गया कि प्रशासन ने उनके निर्धारित ठहराव के लिए एक निजी स्कूल में अनुमति देने से कथित तौर पर इनकार कर दिया था. उनके सहयोगियों ने गुरुवार, 4 जून को यह जानकारी दी.

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बताया गया कि शंकराचार्य , 3 जून बुधवार को अपनी जारी ‘गौ विष्टि यात्रा’ के तहत कन्नौज पहुंचे थे और उनका रात्रि विश्राम छिबरामऊ के सलेमपुर स्थित आशा पब्लिक स्कूल में प्रस्तावित था. हालांकि, आयोजकों का आरोप है कि प्रशासन ने शाम को उन्हें सूचित किया कि वहां ठहरने की अनुमति नहीं दी गई है, जिसके बाद कार्यक्रम रद्द करना पड़ा.

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इस घटनाक्रम के बाद शंकराचार्य ने पाल चौराहा स्थित स्वागत स्थल पर ही रुकने का निर्णय लिया, जहां एक अस्थायी टेंट लगाया गया था. पूरी रात वहां पुलिस बल तैनात रहा.

सहयोगियों के अनुसार, भीषण गर्मी के बावजूद स्थल पर बिजली, पंखे या अन्य सुविधाओं की व्यवस्था नहीं थी. ऐसे में सेवकों ने हाथ के पंखों से हवा कर शंकराचार्य को राहत पहुंचाने का प्रयास किया.

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जारी रहेगी मेरी यात्रा- अविमुक्तेश्वरानंद

गुरुवार सुबह फर्रुखाबाद रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनकी यात्रा जारी रहेगी और अब तक वह लगभग 150 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं.

उन्होंने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने की मांग उठाना तथा गौ-संरक्षण, गौ-पालन और धार्मिक मूल्यों के प्रति जनजागरण करना है. शंकराचार्य गुरुवार सुबह करीब 8 बजे अपने काफिले के साथ फर्रुखाबाद के लिए रवाना हो गए.