उत्तर प्रदेश के रायबरेली में परीक्षार्थियों और उनके  अभिभावकों में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ही विद्यालय में पढ़ने वाले हाई स्कूल के परीक्षा परिणाम में सभी बच्चे फेल हो गए.  विद्यालय के प्रधानाध्यापक के गलती की वजह से हाई स्कूल में पंजीकृत सभी 76 छात्र छात्राएं एक साथ अनुत्तीर्ण हो गए. अटौरा के किलौली स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज का मामला बताया जा रहा है.

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हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक ने परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि परिषद में बातचीत करके जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा. इसलिए किसी को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है.

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76 परीक्षार्थियों ने दी थी परीक्षा

लालगंज रोड पर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में उत्तर प्रदेश बोर्ड के हाई स्कूल परीक्षा में कल 76 छात्र छात्राएं पंजीकृत थे जिन्होंने 2026 में बोर्ड की परीक्षा भी दी थी.  इनमें से 36 छात्र और 40 छात्राएं शामिल है लेकिन विद्यालय प्रधानाध्यापक की लापरवाही से सभी पंजीकृत छात्र छात्राएं परीक्षा में फेल हो गए. कारण विद्यालय द्वारा बोर्ड को भेजे जाने वाले प्रयोगात्मक परीक्षा परीक्षार्थियों के सही ग्रेड ना भेजा जाना है.

छात्र और अभिभावक परेशान

एक साथ हाई स्कूल में पंजीकृत सभी 76 छात्र छात्राओं के फेल होने से जहां परीक्षार्थियों में मायूसी दिखाई दी वही उनके अभिभावकों में काफी आक्रोश दिखा. अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन की इस घोर लापरवाही की शिकायत उच्च अधिकारियों से की. अभिभावकों का आक्रोश तब शांत हुआ जब जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि परिषद में इस बावत बातचीत कर ली गई है. जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा हालांकि उसके बावजूद भी सर्वोदय इंटर कॉलेज के प्रधानाध्यापक की इस लापरवाही की चर्चा व लोगों में आक्रोश अभी भी व्याप्त है.  इस लापरवाही की वजह से  विद्यालय में इस बार प्रवेश पर भी असर पड़ सकता है.

DIOS ने बोर्ड से की बातचीत

जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने बताया कि सर्वोदय इंटर कॉलेज का मामला संज्ञान में आया है इस विद्यालय में हाई स्कूल में पढ़ने वाले परीक्षार्थियों के फिजिकल एजुकेशन विषय में जो विद्यालय द्वारा ग्रेड दिया गया है वह गलत है.  विद्यालय द्वारा ए या ए प्लस की जगह ए ए लिखकर भेज दिया गया.  जिसका मतलब अनुपस्थित माना जाता है. इसी वजह से प्रयोगात्मक परीक्षा में फेल होने के कारण सभी बच्चों के परीक्षा परिणाम अनुत्तीर्ण आए.

विद्यालय प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया गया है कि अपने सभी कागजातों के साथ बोर्ड में अपनी सफाई दें.  परिषद में मेरे द्वारा भी बात कर लिया गया है उम्मीद है अगले सप्ताह तक परीक्षा परिणाम में संशोधन हो जाएगा. कोई भी बच्चा या अभिभावक परेशान ना हो.  किसी का भी भविष्य खराब नहीं होगा.

प्रबंधक ने बताया तकनीकी इशू

वही सर्वोदय इंटर कॉलेज के व्यवस्थापक मुनीष त्रिवेदी ने इसे हल्के में लेते हुए, मात्र टेक्निकल इशू बताया साथ ही इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम गिनवाने में जुट गए और  कहा जल्द ही इसका निस्तारण कराया जाएगा.

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