यूपी के बस्ती जिले की वाल्टरगंज क्षेत्र की ग्रामीण महिलाएं एक अनोखा इतिहास रचने की तैयारी में जुटी हैं. इन महिलाओं का सपना है कि 2000 से अधिक महिलाएं एक साथ एक मंच पर भगवान राम के लिए सोहर गाएं और यह रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो. इस अनोखी पहल के लिए युवा उद्यमी मनीष ने गिनीज बुक में आवेदन भी कर दिया है.
इन महिलाओं की पहचान पहले से ही "राम जी का पेड़ा" बनाने वाली रामभक्त महिलाओं के रूप में है. भगवान राम के नाम से जुड़े इस काम को और बड़ा मुकाम दिलाने के लिए ये महिलाएं अब 25 मई को बस्ती में एक भव्य सोहर कार्यक्रम करने जा रही हैं, जिसे पूरी दुनिया देखेगी.
शुगर फ्री है 'राम जी का पेड़ा', देश-विदेश में है जबरदस्त मांग
वाल्टरगंज की ये महिलाएं समूह में मिलकर पूरी तरह देशी तरीके से "राम जी का पेड़ा" तैयार करती हैं. शुद्ध दूध, गुड़ और देशी घी से बने इस पेड़े को लकड़ी के चूल्हे पर पकाया जाता है, जिससे इसमें एक खास सोंधी खुशबू आती है जो इसे बाकी मिठाइयों से अलग बनाती है.
इस पेड़े की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह शुगर फ्री होता है, इसीलिए इसकी मांग सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है. भगवान राम के नाम से जुड़े इस प्रोडक्ट ने इन ग्रामीण महिलाओं को एक अलग पहचान दिलाई है.
रोज हो रही है रिहर्सल, 25 मई को रचा जाएगा इतिहास
महिलाएं हर रोज एक साथ बैठकर पेड़ा बनाती हैं और उसी दौरान सोहर गाने का अभ्यास भी करती हैं. इनका पूरा ध्यान इस बात पर है कि 25 मई को परफॉर्मेंस वाले दिन इनका प्रदर्शन शानदार और बेहतरीन हो, जिससे रिकॉर्ड पक्का हो सके.
इन महिलाओं की मेहनत, लगन और आस्था देखकर साफ लगता है कि 25 मई का दिन बस्ती के लिए ऐतिहासिक होगा. यह रामभक्त महिलाएं न सिर्फ गिनीज बुक में नाम दर्ज कराएंगी बल्कि पूरे जिले का नाम भी रोशन करेंगी.
