उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित राजाजी टाइगर रिजर्व एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार मामला किसी वन्यजीव या संरक्षण से नहीं बल्कि एक हाई-प्रोफाइल शादी समारोह से जुड़ा है. प्रदेश सरकार के मंत्री खजानदास के बेटे की शादी के लिए रिजर्व फॉरेस्ट के संरक्षित क्षेत्र में बिना किसी अनुमति के बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी गई थीं, जिसके बाद यह मामला विवादों में घिर गया.

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मामला हरिद्वार रेंज के अंतर्गत आने वाले सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर का है, जो राजाजी टाइगर रिजर्व के संरक्षित क्षेत्र में स्थित है. यहां शादी समारोह के लिए टेंट, सजावट और तमाम व्यवस्थाएं की जा रही थीं. लेकिन इस पूरे आयोजन के लिए वन विभाग से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी, जो कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का सीधा उल्लंघन है.

वन विभाग ने की तुरंत कार्रवाई, दर्ज किया केस

जैसे ही वन विभाग के अधिकारियों को इस मामले की भनक लगी, वे तुरंत मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. जांच में यह साफ हो गया कि बिना अनुमति के इस तरह का बड़ा आयोजन करना कानूनी रूप से पूरी तरह गलत है. अधिकारियों ने बताया कि राजाजी टाइगर रिजर्व एक अत्यंत संवेदनशील पारिस्थितिकी क्षेत्र है जहां तेज आवाज, भीड़भाड़ और निर्माण कार्यों से वन्यजीवों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

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इसी के चलते वन विभाग ने बिना किसी देरी के संबंधित लोगों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया और आगे की जांच शुरू कर दी. फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है.

जनता में भारी नाराजगी, मंत्री की ओर से कोई बयान नहीं

इस घटना के सामने आते ही स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में जबरदस्त नाराजगी फैल गई. उनका सवाल है कि जब आम नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी सख्त नियमों का पालन करना पड़ता है, तो प्रभावशाली और रसूखदार लोगों के लिए अलग कानून क्यों? लोगों ने इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है.

वहीं दूसरी तरफ मंत्री खजानदास या उनके परिवार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि क्या कानून सभी के लिए समान है या प्रभावशाली लोगों के लिए नियम अलग होते हैं.

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