उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार के भ्रष्टाचार से बनी 17 किलीमीटर सड़क एक साल भी नहीं चल पाई. घुंघचाई से दियोरिया तक बनी इस सड़क पर तीन करोड़ 70 लाख की लागत आयी है. लेकिन बनने के चंद दिनों के भीतर ही सड़क बुरी तरह उखड़ गयी. मामला तूल पकड़ने के बाद हरकत में आए विभाग ने ठेकेदार को नोटिस देकर सड़क दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं.

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जिस इलाके में यह सड़क बनी वो इलाका टाइगर रिजर्व एरिया में आता है. जब सड़क निर्माण हो रहा था तब भी स्थानीय ग्रामीणों ने घटिया निर्माण का आरोप लगाया था. लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया, लिहाजा नई सड़क महज 11 महीने में ही खस्ताहाल हो गयी. अधिकारियों के मुताबिक सड़क अभी ठेकेदार की लायबिलिटी में है, इसलिए इसे जल्द वन विभाग से एनओसी लेकर ठीक कराया जाएगा.

पीडब्लूडी पर उठ रहे सवाल

3 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से बनी घुंघचाई से दियोरिया कला तक की लगभग 17 किलोमीटर लंबी सड़क, महज़ 11 महीने में ही दम तोड़ गयी. सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है और कई हिस्से तो गड्ढों में तब्दील हो गए हैं. हैरानी की बात यह है कि निर्माण के दौरान ही सड़क उखड़ने लगी थी, तब स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया था, लेकिन अधिकारियों ने मानकों को ताक पर रखकर शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया. नतीजा यह हुआ कि ठेकेदार की लायबिलिटी अवधि पूरी होने से पहले ही सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई.

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अब जब मामला उजागर हुआ और सवाल उठने लगे, तो विभाग हरकत में आया है. फिलहाल अधिकारियों ने ठेकेदार को पूरी सड़क दोबारा दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।. लेकिन बड़ा सवाल यही है कि इस घटिया निर्माण का जिम्मेदार कौन है और कब तय होगी जवाबदेही? इसको लेकर कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं दिख रहा है.

विभाग का दावा बाढ़ में हुई सड़क खराब

पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता राजेश चौधरी के मुताबिक, दियूरिया के पास वाली सड़क है जो कि बाढ़ की वजह से सड़क खराब हो गई थी, टाइगर रिजर्व विभाग से एनओसी  लेकर ठेकेदार से पुनः निर्माण करवाया जाएगा अभी सड़क ठेकेदार के लायबिलिटी में ही है. जल्द ही सड़क दुरुस्त कर दी जाएगी. जबकि शुरू से इतनी ढील क्यों रही इसका जबाब अभी किसी के पास नहीं है.