नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को तकनीकी रूप से सुरक्षित, आधुनिक और भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार बनाने की दिशा में एक अहम और निर्णायक कदम उठाया गया है. एयरपोर्ट के संपूर्ण आईटी नेटवर्क, डिजिटल सिस्टम और साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी अब देश की अग्रणी आईटी कंपनी टेक महिंद्रा को सौंपी गई है. इस संबंध में एयरपोर्ट संचालक यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और टेक महिंद्रा के बीच औपचारिक समझौता किया गया है.

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इस करार के तहत टेक महिंद्रा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर (NOC) और सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (SOC) की स्थापना और संचालन करेगी. ये दोनों केंद्र चौबीसों घंटे, सातों दिन एयरपोर्ट के डिजिटल सिस्टम पर नजर रखेंगे. इसका उद्देश्य किसी भी तकनीकी गड़बड़ी, नेटवर्क फेल्योर या साइबर हमले की तुरंत पहचान कर समय रहते समाधान सुनिश्चित करना है.

टेक महिंद्रा का होगा ये काम

जानकारी के अनुसार टेक महिंद्रा एयरपोर्ट के आईटी एप्लिकेशन, सर्वर, डेटाबेस, नेटवर्क, स्टोरेज सिस्टम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रबंधन करेगी. इसके साथ ही साइबर खतरों की पहचान, विश्लेषण और उनसे निपटने की पूरी जिम्मेदारी भी कंपनी के पास होगी. इससे एयरपोर्ट संचालन को सुरक्षित, सुचारु और बिना किसी रुकावट के चलाने में मदद मिलेगी.

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वहीं टेक महिंद्रा के भारत प्रमुख साहिल धवन ने कहा कि आधुनिक एयरपोर्ट जटिल डिजिटल सिस्टम पर आधारित होते हैं, जहां नेटवर्क की मजबूती और साइबर सुरक्षा बेहद अहम है. एकीकृत NOC और SOC के माध्यम से 24×7 निगरानी से किसी भी खतरे पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी.

DGCA से एयरोड्रोम लाइसेंस मिलने का इंतजार

गौरतलब है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और फिलहाल नागर विमानन महानिदेशालय से एयरोड्रोम लाइसेंस मिलने का इंतजार है. उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल में एयरपोर्ट का उद्घाटन होगा और विमान सेवाएं शुरू हो जाएंगी. टेक महिंद्रा के साथ हुई यह साझेदारी एयरपोर्ट के सुरक्षित, निर्बाध और विश्वस्तरीय संचालन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ग्रीनफील्ड परियोजना है, जहां शुरुआत से ही मजबूत और अत्याधुनिक डिजिटल ढांचा विकसित करने का अवसर मिला है. टेक महिंद्रा के साथ यह साझेदारी एयरपोर्ट को सुरक्षित, लचीला और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाएगी. उन्होंने कहा कि मजबूत नेटवर्क और साइबर सुरक्षा से यात्रियों और एयरपोर्ट संचालन, दोनों के लिए भरोसेमंद व्यवस्था सुनिश्चित होगी.