बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों और भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के विरोध में विकासनगर (देहरादून) में काली सेना ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया है.
यह प्रदर्शन विकासनगर के मुख्य बाजार क्षेत्र में किया गया, जहां काली सेना के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे और प्रतीकात्मक विरोध के जरिए बांग्लादेश सरकार और वहां पनप रहे कथित जिहादी मानसिकता के खिलाफ नारेबाजी भी की.
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में सुअर लेकर किया विरोध
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में सुअर लेकर विरोध जताया, जिसे उन्होंने प्रतीकात्मक संदेश बताया. कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह प्रदर्शन बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ जनजागरण के उद्देश्य से किया जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का खुले आम हनन हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं उठाया जा रहा.
अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई की मांग
काली सेना के उपाध्यक्ष सुनील राठौर ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार अब बर्दाश्त के बाहर हैं. उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि देश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने की भी मांग उठाई गई, ताकि भविष्य में अवैध घुसपैठ को रोका जा सके.
काली सेना की चेतावनी, बोले- आंदोलन प्रदेश स्तर तक किया जाएगा विस्तार
प्रदर्शन के दौरान “बांग्लादेश मुर्दाबाद”, “हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो” और “अवैध घुसपैठियों को बाहर करो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा. काली सेना ने चेतावनी भी दी कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा और इसे प्रदेश स्तर तक भी विस्तार दिया जाएगा.
प्रदर्शन को लोगों ने अपने मोबाइल फोन में वीडियो व तस्वीरें में किया कैद
इस अनोखे और अलग अंदाज़ के प्रदर्शन ने राहगीरों और स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया. बड़ी संख्या में लोग रुक-रुककर इस प्रदर्शन को देखते और अपने मोबाइल फोन में वीडियो व तस्वीरें कैद करते नजर आए. अपने प्रतीकात्मक विरोध और तीखे संदेश के कारण यह प्रदर्शन पूरे दिन विकासनगर में चर्चा का विषय बना रहा.