उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और भारतीजय जनता पार्टी के उन नेताओं को बड़ी राहत मिली है जिनका नाम साल 2013 के मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक दंगा मामले में शामिल था. सरकार के आदेश पर स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट ने यह केस वापल ले लिया है. इसमें पूर्व मंत्री संजीव बालियान, मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, सांसद हरेंद्र मलिक, सुरेश राणा सहित 22 आरोपी नेताओं पर लगे केस वापस लिए गए हैं.

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साल 2025 की जनवरी में ही इस मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट ने यूपी के मंत्री कपिल देव अग्रवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची और डासना के महंत स्वामी यति नरसिंहानंद समेत 19 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए थे.

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यह मामला पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में साल 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगों से जुड़ा था. 31 अगस्त 2013 को नगला मंदौड़ गांव में एक पंचायत रखी गई थी. आरोप था कि इन नेताओं ने वहां भड़काऊ भाषण दिए थे. मामला सामने आया तो पुलिस ने कार्रवाई की और 21 लोगों के खिलाफ सिखेड़ा थाने में केस दर्ज हुआ. एफआईआर में दंगा भड़काने की धाराएं शामिल की गई थीं.

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