प्रदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है. समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में अब पारंपरिक पढ़ाई के साथ डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल भी होगा. इसी क्रम में पांच सर्वोदय विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम की शुरुआत की गई है. सरकार की यह पहल ग्रामीण और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम मानी जा रही है.

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गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने स्मार्ट क्लासरूम परियोजना का उद्घाटन किया. FIRST ORIGIN NextGen Edutech Pvt. Ltd. के सहयोग से सीएसआर के तहत शुरू की गई इस परियोजना के प्रथम चरण में पांच विद्यालयों में एक-एक स्मार्ट क्लासरूम तैयार किया गया है. परियोजना की कुल लागत ₹35 करोड़ बताई गई है.

डिजिटल शिक्षा से प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच

समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 103 सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं. पायलट प्रोजेक्ट के तहत गाजियाबाद के निडोरी, बुलंदशहर के बदनौरा, मेरठ के हस्तिनापुर, बरेली और पीलीभीत के विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए गए हैं. इन कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड, स्मार्ट पैनल, दो एयर कंडीशनर और वुडेन फ्लोरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इससे विद्यार्थियों को विषयों को दृश्य और डिजिटल माध्यम से समझने में मदद मिलेगी. कठिन विषयों को भी इंटरैक्टिव तरीके से पढ़ाने की सुविधा शिक्षकों को मिल सकेगी.

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विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास

राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम सिर्फ पढ़ाई के तरीके में बदलाव नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास है. योगी सरकार का उद्देश्य है कि हर विद्यार्थी आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े तथा भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार हो. सरकार का फोकस अब केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने पर भी दिखाई दे रहा है. कार्यक्रम में प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव, निदेशक समाज कल्याण संजीव सिंह, उपनिदेशक जे राम और फर्स्ट ओरिजिन के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज कुमार वर्मा समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे.

सीएसआर के सहयोग से बढ़ेगा आधुनिक शिक्षा का दायरा

फर्स्ट ओरिजिन के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज कुमार वर्मा ने बताया कि परियोजना के दूसरे चरण में चयनित अन्य विद्यालयों में भी स्मार्ट क्लासरूम और ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार किया जाएगा. इससे प्रदेश के अधिक से अधिक सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थी डिजिटल शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे. योगी सरकार की यह पहल शिक्षा में तकनीकी बदलाव के साथ सामाजिक समावेशन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है. सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध होने से उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और बदलते रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी.