Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के जूडो कोच सतीश शर्मा के खिलाफ उत्तराखंड के देहरादून की रहने वाली एक जूडो की नेशनल महिला खिलाड़ी ने बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया है. इस मामले में अब आरोपी जूडो कोच और पीड़ित महिला खिलाड़ी दोनों का पक्ष सामने आ गया है. और मुरादाबाद पुलिस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. आरोपी कोच ने इसे अपने खिलाफ बड़ी साजिश बताया है. 

पीड़िता महिला खिलाड़ी देहरादून की रहने वाली है, उसने देहरादून के राजपुर थाने में घटना की एफआईआर दर्ज कराई है. घटनास्थल मुरादाबाद होने की वजह से यह एफआईआर ट्रांसफर होकर मुरादाबाद के भोजपुर थाने में पहुंची है. पीड़िता का आरोप है कि वह देहरादून में महिला कोच से जूडो सीख रही थी. इसी दौरान 2024 में उनका चयन एनआईओएस भोपाल के लिए हो गया था. कोच ने कहा कि वहां अच्छी ट्रेनिंग नहीं होती है. इसके बाद उन्होंने खिलाड़ी को मुरादाबाद निवासी सतीश शर्मा से कोचिंग लेने की सलाह दी और बताया कि सतीश शर्मा उनके भी कोच रहे हैं. उनके अंडर ट्रेनिंग करने से तुम्हें काफी कुछ सीखने को मिलेगा. अपनी महिला कोच की बात पर विश्वास करके वो नेशनल कैंप में जाने के बजाए मुरादाबाद में सतीश शर्मा के पास आ गई. 

दुष्कर्म के आरोप ने कोच ने दी सफाईपीड़िता का कहना है कि सतीश शर्मा ने कुछ टाइम तो अच्छे से प्रैक्टिस कराई, लेकिन बाद में वो कुछ ज्यादा ही ध्यान देने लगे. पीड़िता ने बताया है कि 12 मार्च की सुबह कोच सतीश शर्मा उसे इस्लाम नगर स्थित अपने फार्महाउस पर ले गया और छेड़खानी की जिसका उसने विरोध किया. लेकिन कोच नहीं माना और उसने उसके साथ बलात्कार किया. जिसके बाद पीड़िता मानसिक तनाव में रहने लगी और अपने घर देहरादून आ गई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. 

आरोपी सतीश शर्मा का कहना है कि, मैं जूडो एसोसिएशन उत्तराखंड का सचिव हूं और उत्तराखंड में जूडो मैंने ही शुरू किया था. आज वहां से नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ी निकल रहे हैं. जो मेडल हासिल कर रहे हैं. जिस लड़की ने मेरे ऊपर आरोप लगाए हैं, वह बहुत जूनियर खिलाड़ी थी और मुझे देहरादून में ही मिली थी. उसके बाद वह मुरादाबाद में मेरी जूडो एकेडमी में जूडो सीखने आई थी और अन्य बच्चों के साथ मेरे घर में ही रहती थी. मेरा उत्तराखंड में सचिव पद को लेकर जो विवाद चल रहा है, ये उसी साजिश का हिस्सा हो सकता है. मैं आज पद छोड़ दूं तो ये सब आरोप खत्म हो जाएंगे. 

कोच ने राष्ट्रपति से निष्पक्ष जांच की अपील कीकोच ने आगे बताया कि, महिला खिलाड़ी जो फार्म हाउस बता रही है, वह मेरी जूडो एकेडमी है और आरोप लगने के बाद मैंने मुरादाबाद की अपनी यह जूडो एकेडमी बंद कर दी है. मेरी उम्र 72 साल है, मैं 32 साल स्पोर्ट में रहा हूं.  17 साल भारतीय जूडो एकेडमी का कोच रहा हूं और कई देशों में टीम लेकर गया हूं. कभी मेरे ऊपर कोई आरोप नहीं लगे. लड़की ने जो आरोप लगाए हैं, उसमे घटना का समय अलग-अलग दिखाया गया है. उसके मोबाइल लोकेशन की जांच कर ली जाए तो कई राज खुल जायेंगे. मुझ से देहरादून पुलिस ने कोई संपर्क नहीं किया. मुरादाबाद पुलिस ने फोन पर जानकारी ली थी. मैंने उन्हें सच्चाई बता दी है. मैं जांच के लिए तैयार हूं. मेरे ऊपर लगे आरोप झूठे हैं. 

देहरादून में इस से पहले मेरी स्पोर्ट एकेडमी थी.  इस से पहले भी मेरे ऊपर उत्तराखंड पुलिस की कुछ महिला सिपाहियों ने उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. लेकिन वह जांच में सब गलत साबित हुए थे. जो घटना 12 मार्च की इस युवती ने बताई है, उसके बाद भी वह युवती देहरादून से वापस आकर यहां हमारे साथ 16 मार्च तक रही थी. मेरे ऊपर लगे आरोप साजिश का हिस्सा हैं. मेरी राष्ट्रपति से अपील है की इसकी निष्पक्ष जांच हो जाए तो इसके पीछे की साजिश के बहुत से पर्दे उठ जायेंगे. 

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