उत्तर प्रदेश के लखनऊ में शनिवार को जेन-जी के समर्थन में NSUI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर कार्यकर्ता राजभवन का घेराव करने के लिए सड़क पर उतरे. परिवर्तन चौक से विधानसभा होते हुए राजभवन तक करीब 2 किलोमीटर से अधिक का मार्च निकाला जाना था.

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NSUI प्रदेश अध्यक्ष दीपक शिवहरे के नेतृत्व में कार्यकर्ता परिवर्तन स्थल से आगे बढ़े. करीब 300 मीटर दूर बाबू केडी सिंह स्टेडियम के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक लिया. इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बसों से ईको गार्डन भेज दिया.

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पुलिस पर गंभीर आरोप  

पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने कहा कि इस सरकार में पेपर लीक हो रहे है. उसका अगर छात्र विरोध कर रहे हैं तो उन पर लाठीचार्ज किया जा रहा है. शांतिपूर्ण प्रदर्शन में पुलिस बर्बरता दिखा रही है. पुलिस की अगर इतनी ही मुस्तैद होती तो पेपर लीक नहीं होता और शायद ये आंदोलन भी नहीं होता. अमिता शाह के इस्तीफे तक ये आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जंतर-मंतर पर जेन-जी छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई से युवाओं में आक्रोश है. इसी के विरोध में NSUI ने प्रदर्शन किया और गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाई.

प्रदर्शनकारियों को ईको गार्डन भेजा 

प्रदर्शन में कांग्रेस यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, राष्ट्रीय सचिव जगदीश चंद्र जांगीड़ और अब्दुल हन्नान समेत कई नेता शामिल हुए. सांसद राकेश राठौर और पूर्व MLC दीपक सिंह भी कार्यकर्ताओं के साथ मार्च में मौजूद रहे. सभी प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने ईको गार्डन भेज दिया.

NSUI के प्रदर्शन से स्पष्ट है कि छात्रों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ मुखर है. कल भी राहुल गांधी ने दिल्ली में साहिल लोचब की गिरफ्तारी को लेकर डीसीपी कार्यालय में धरना दिया था और गृह मंत्रालय पर एफआई आर न होने देने का आरोप लगाया था.

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