औद्योगिक क्षेत्र ग्रेटर नोएडा में उस वक्त भारी हड़कंप मच गया, जब यहां की एक वुडन (लकड़ी) डाई मेकर कंपनी में अचानक भीषण आग भड़क उठी. आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते उसने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया. फैक्ट्री से उठने वाले काले धुएं के मोटे गुबार को कई किलोमीटर दूर से साफ देखा जा सकता था, जिससे आसपास की दूसरी कंपनियों के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई.
यह पूरी घटना ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 (Ecotech-3) थाना क्षेत्र की है. जानकारी के मुताबिक, जिस कंपनी में आग लगी, वहां मुख्य रूप से लकड़ी की डाई बनाने का काम होता है. फैक्ट्री के अंदर भारी मात्रा में सूखी लकड़ी, प्लाईबोर्ड और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी. माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से उठी पहली चिंगारी ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया. ज्वलनशील सामान होने की वजह से आग इतनी तेजी से फैली कि कर्मचारियों को शुरुआती दौर में आग बुझाने का मौका तक नहीं मिला और उन्हें तुरंत बाहर भागकर अपनी जान बचानी पड़ी.
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10 दमकल गाड़ियां और बड़े अधिकारी पहुंचे मौके पर
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग (Fire Brigade) तुरंत हरकत में आ गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की एक के बाद एक गाड़ियां सायरन बजाते हुए मौके की ओर दौड़ पड़ीं. बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की टीम को भी फौरन बुला लिया गया. रेस्क्यू ऑपरेशन को लीड करने के लिए गौतमबुद्धनगर के चीफ फायर ऑफिसर (CFO) और सेंट्रल नोएडा के ACP-3 खुद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे.
लाखों का माल खाक, लेकिन टला बड़ा हादसा
फायर सर्विस के जवानों ने चारों तरफ से मोर्चा संभाला और करीब 10 दमकल गाड़ियों की मदद से लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका. कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार फायर ब्रिगेड की टीम ने इस भयंकर आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया. सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि समय रहते फैक्ट्री खाली होने से इस हादसे में किसी की जान नहीं गई. हालांकि, आग की वजह से कंपनी में रखा लाखों रुपये का माल और मशीनें जलकर खाक हो गई हैं. फिलहाल, दमकल विभाग मौके पर कूलिंग (Cooling) का काम कर रहा है ताकि चिंगारी दोबारा न सुलग सके.
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