भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ राधा मोहन अग्रवाल ने तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के.अन्नामलाई द्वार अमित शाह और गुजरात को लेकर की गयी टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. जिसमें उन्होंने कहा,  "ये के. अन्नामलाई जब तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष थे दिनभर अमित शाह से मिलने के लिए व्याकुल रहते थे और मोदी-अमित शाह इन्हें भगवान लगते थे. जब भाजपा से अलग हुए तो उत्तर-दक्षिण करने लगे, त्रिभाषा फार्मूले का विरोध करने लगे और अब गुजरात फोबिया के शिकार हो गए. अद्भुत"

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एक निजी चैनल से बातचीत में के. अन्नामलाई ने कहा था, "हर प्रोजेक्ट गुजरात नहीं जा सकता. बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक अमित शाह के घर पर क्यों हुई? मुझे बहुत बुरा लगा. क्या आप 2036 का ओलंपिक भी गुजरात में ही कराना चाहते हैं? तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश सब देख रहे हैं." इसी पर डॉ राधा मोहन अग्रवाल ने कहा कि अगर उन्हें बीजेपी से इतनी ही दिक्कतें हैं, तो वे तमिलनाडु बीजेपी में क्यों शामिल हुए?

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कौन है के. अन्नामलाई ?

तमिलनाडु के करुर जिले के थोट्टमपट्टी गांव के रहने वाले के. अन्नामलाई का पूरा नाम कुप्पुस्वामी अन्नामलाई है. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई कोयंबटूर से की इसके बाद आईआईएम लखनऊ से एमबीए भी किया. अन्नामलाई 2011 के बैच के आईपीएस अधिकारी रहे और बेंगलुरु में बतौर डीसीपी काम किया. 2019 में इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए और प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे. इसके बाद 2024 का लोकसभा चुनाव भी बीजेपी से लड़ा, लेकिन हार गए. इसी साल जून में बीजेपी से इस्तीफा देकर 'वी द लीडर्स'  आंदोलन शुरू किया. इन दिनों अब बीजेपी के खिलाफ ही बयानबाजी करके चर्चा में हैं.

तमिल राजनीति में जगह की जद्दोजहद 

हालिया विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी की स्थिति देख अन्नामलाई अब तमिलनाडु की राजनीति में जगह के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं. उनके बयानों से स्पष्ट है कि वे इसके जरिए अपनी भाजपा से दूरी दर्शा रहे हैं, क्योंकि बीजेपी की तमिलनाडु या दक्षिण भारत में उतनी उपस्थिति नहीं है, लिहाजा राजनीतिक दृष्टि से अन्नामलाई अपने कदम अब उठा रहे हैं.

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