Uttar Pradesh News: गाजियाबाद में 29 नवंबर को 8 साल की तीन मासूम बच्चियां लिफ्ट में फंस गई, जिसके बाद वहां हड़कंप मंच गया. इस घटना का वीडियो भी खूब वायरल हुआ था, जिसके बाद मामले में तूल पकड़ लिया. बच्चियां चिल्लाती रही, शोर मचाती रही, लेकिन 24 मिनट तक कोई उसकी मदद के लिए नहीं आया. 

24 मिनट तक फंसी रही बच्ची

बता दें कि गाजियाबाद के थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक की क्रॉसिंग सोसायटी में रहने वाले शिवम गहलोत की बेटी लिफ्ट से नीचे आ रहा थी. उसकी उम्र 8 साल है, वह अपनी दो सहेलियों के साथ 20 वें फ्लोर से नीचे खेलने जा रही थी. इस दौरान लिफ्ट जब 11वें फ्लोर पर पहुंची तो अचानक वहां अटक गई. तीनों बच्चियां तकरीबन 24 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ. इस दौरान वहां फंसी बच्चियों द्वारा कई बार लिफ्ट में मौजूद फोन का भी प्रयोग किया गया. इसके साथ ही अलार्म भी बजाया गया, लेकिन तमाम कोशिशें बेकार रही. ऐसे में पीड़ित के परिवार ने आरोप लगाया कि ये घटना पहली मर्तबा नहीं बल्कि इससे पहले भी हो चुकी है. इस घटना के बारे में आरडब्लूए के सचिव और अध्यक्ष से बात करने पर उन्होंनेे सारा ठीकरा परिजनों के ऊपर फोड़ दिया. उनका कहना है कि बच्चों को अकेले लिफ्ट में नहीं भेजना चाहिए. 

पिता ने लगाया आरोप

जिस समय परिजनों से बात की जा रही थी उस दौरान फायर अलार्म लगातार बज रहा था लेकिन मौके पर ना तो कोई गार्ड था और ना ही कोई सुरक्षाकर्मी वहां मौजूद था. बच्ची के पिता शिवम गहलोत ने कहा कि मेंटनेंस के ऊपर बहुत खर्चा आता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि  मेंटेनेंस और आरडब्ल्यूए की लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे रह है. हालांकि पीड़ित परिवार ने आरडब्ल्यू के अध्यक्ष, सचिव और मेंटेनेंस कंपनी के खिलाफ  क्रॉसिंग थाने में एफआईआर दर्ज कराई है.

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