Ghaziabad News: गाजियाबाद के किसान अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर सड़कों पर है, किसान अपनी मांग को लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के दफ्तर पहुंचे. किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्राधिकरण के दफ्तर जमकर नारेबाजी की. किसानों का आरोप है कि विकास प्राधिकरण साल 2014 में उनके और वेव सिटी के बीच हुए समझौते को लागू नहीं करवा पा रहा है. उनको तारीख पर तारीख मिल रही है. अगर अब उनका समझौता लागू नहीं हुआ तो वह कंपनी को काम नहीं करने देंगे.
गाजियाबाद के किसान अपनी मांगों को लेकर जीडीए के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, किसान अपनी मांग मनवाने पर अड़े हुए है. गाजियाबाद में वेव सिटी और सनसिटी में जिन किसानों की जमीन गई है उसके लिए बनी किसान संघर्ष समिति के आनंद गुर्जर ने बताया कि वर्ष 2014 में किसानों का और वेव सिटी के बीच समझौता हुआ था. जिस समय समझौता हुआ था उस समय गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, प्रशासन और पुलिस भी मौजूद थी. इस समझौते में दोनों बिल्डर ने उनकी 14 सूत्रीय मांग मानी थी. जिसमें मुख्य रूप से किसानों को विकसित प्लाट देना साथ में मुआवजा रिवाइज करना था.
2014 से किसानों को मिल रही सिर्फ तारीख-तारीखआनंद के मुताबिक साल 2014 से अब तक लगातार उनको तारीख मिल रही है. किसानों ने 8 जनवरी को वेव सिटी के गेट पर महापंचायत की थी. उसके बाद उन्हें 17 जनवरी की तारीख मिली थी. बताई गई तारीख 17 जनवरी पर जब किसान गाजियाबाद विकास प्राधिकरण पहुंचे तो उनको नई तारीख 21 जनवरी दे दी गई है. किसानों ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के गेट पर नारेबाजी भी की. साथ ही चेतावनी दी कि अगर किसानों का काम नहीं हुआ वह इन कंपनियों को भी काम नहीं करने देंगे. बहरहाल किसानों की मांग पर अधिकारियों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.