रविवार (1 फरवरी) को पेश हुए आम बजट 2026 से उत्तर प्रदेश के छोटे और मझोले शहरों की सूरत बदलने जा रही है. क्योंकि बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए 5000 करोड़ रुपये के आवंटन में वृद्धि की गई है. इस श्रेणी के प्रदेश लगभग 45 शहर हैं और 900 करोड़ रुपये इन शहरों को मिलने का अनुमान है. जिसके बाद इन शहरों की विकास की रफ्तार और तेज हो जाएगी.

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सरकार का फोकस अब बड़े शहरों और महानगरों तक नहीं बल्कि छोटे व कस्बाई इलाकों तक है. इसकी झलक इस बार के बजट में देखने को मिल रही है. शहरों में नागरिकों के लिए सुविधाओं के साथ ही समग्र विकास के रास्ते खोले जाएंगे.

पर्यटन वाले शहरों का होगा विकास

5 हजार करोड़ रुपये बजट में टियर-2 और टियर-3 श्रेणी के शहरों के लिए दिए गए हैं. इसमें अयोध्या समेत पर्यटन से जुड़े जिले जहां धार्मिक शहर भी शामिल होंगे. इन शहरों के बुनियादी ढांचे के साथ अव्स्थापान विकास के काम तेजी पकड़ेंगे.

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टियर-2 में शामिल शहर

प्रदेश में टियर-2 शहरों की बात करें तो इसमें लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, गोरखपुर, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर, झांसी और मथुरा शामिल हैं.

टियर-3 में शामिल शहर

टियर-3 में राज्य के 30 जिले अभी तक चिन्हत हैं. इस्न्में पूर्वी यूपे के 9, वेस्ट यूपी के 9, मध्य यूपी के 6, बुन्देलखंड के 5 और अन्य 5 शहर शामिल हैं.

सड़कों से लकर बिजली पानी पर होगा काम

बजट से इन चिन्हित शहरों में नागरिक सुविधाओं क और बेहतर किया जाएगा, जिसमें सड़क, परिवहन सुधार, बिजली और पानी जैसी मूलभूत चीजों पर फोकस होगा.

लोकल फंडिंग पर जोर

इस बार आम बजट में म्युनिसिपल बॉन्ड के दायरे का विस्तार कर छोटे नगर निकायों के लिए भी विकास और रोजगार के नए मौके दिए गए हैं, जिसमें अब नगर निगमों के साथ-साथ नगर पालिका परिषद और पंचायतें भी म्युनिसिपल बॉन्ड जारी कर सकेंगी. यूपी में इसमें 200 नगर पालिका और 100 से ज्यादा नगर पंचायतों को लाभ मिलने की संभावना है.