उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रम या सार्वजनिक रूप से बगावती तेवर दिखाना अब नेताओं को महंगा पड़ेगा. पार्टी ने इस तरह रवैया अपनाने वाले भाजपा नेता और जनप्रतिनिधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. ऐसे नेताओं को अब पार्टी को इसके लिए स्पष्ट जवाब देना होगा, ऐसे नेताओं पर कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है.
सूत्रों के मुताबिक हाल ही के दिनों में पार्टी के अंदर नेताओं के बीच आपसी मतभेद खुलकर सामने आए हैं. कई ऐसे विधायक और पदाधिकारियों की नाराजगी में इजाफा हुआ है, जो सार्वजनिक रूप से पार्टी की छवि को नुक़सान पहुंचा रहे हैं. लेकिन, अब पार्टी हाईकमान ऐसे नेताओं पर सख्त रवैया अपनाएगा.
बगावती नेताओं को जारी किया जाएगा नोटिस
यूपी भाजपा अनुशासन समिति की तरफ से ऐसे नेताओं के खिलाफ कारण बताओं नोटिस जारी किया जाएगा. अगर इस नोटिस का जवाब सही नहीं मिला तो उन पर कार्रवाई भी जाएगी. विकास कार्यो से लेकर संगठन के पदाधिकारियों की लगातार आपस मे कलह पार्टी के लिए आगे चुनौती न बने इसलिए अब कड़ाई की जाएगी
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को इन बगवाती तेवरों की वजह से नुकसान ना हो इसको लेकर यूपी भाजपा अनुशासन समिति नेताओं पर कड़ी निगरानी रखेगी.
बीजेपी विधायक ने रोक लिया था मंत्री का काफिला
बता दें कि 30 जनवरी को महोबा में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जब एक कार्यक्रम से लौट रहे थे, इसी बीच उनके काफिले को बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने रोक लिया था. जिसके बाद दोनों जमकर बहस देखने को मिली थी. बीजेपी विधान ने अपने क्षेत्र में सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर नाराजगी जताई. हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गया जब विधायक के समर्थक और पुलिस के बीच बहस हो गई.
इस दौरान धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का भी माहौल बन गया. इस घटना को लेकर बीजेपी को काफी किरकिरी का सामना करना पड़ा था. यहीं नहीं यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भी ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर भी कई तरह से सवाल उठने शुरू हो गए थे. इन घटनाओं को लेकर पार्टी हाईकमान सतर्क हो गया है.