समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री आजम खान के जौहर यूनिवर्सिटी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 19 अगस्त, बुधवार को छापेमारी की. छापेमारी के दौरान ED अधिकारियों और बार एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट सतनाम मट्टू के बीच गरमागरम बहस हो गई. मट्टू ने आरोप लगाया कि स्टूडेंट्स को परेशान किया जा रहा है और उनकी पर्सनल डिटेल्स और IDs इकट्ठा की जा रही हैं. बाद में पुलिस ने उन्हें यूनिवर्सिटी गेट से हटा दिया.

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समाजवादी पार्टी के नेता और बार एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट सतनाम सिंह मट्टू ने मीडिया से कहा है कि "कुछ स्टूडेंट्स ने हमें बताया कि कुछ सरकारी अधिकारी और कर्मचारी यहां आए थे और उनसे रजिस्टर में अपना नाम, क्लास डिटेल्स और फोन नंबर देने के लिए मजबूर कर रहे थे..."

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एतराज जताने पर छात्रों को यूनिवर्सिटी जाने से रोक- मट्टू

पूर्व प्रेसिडेंट सतनाम सिंह मट्टू ने आगे कहा है कि,"स्टूडेंट्स ने हमें बताया कि सिर्फ उन्हीं लोगों को यूनिवर्सिटी में आने दिया जा रहा था जिन्होंने अपने फोन नंबर दिए थे. उनके फ़ोन नंबर रिकॉर्ड किए जा रहे थे, और जब स्टूडेंट्स ने एतराज़ किया, तो उन्हें जाने के लिए कहा गया..."

पर्सनल डिटेल्स के लिए नहीं कर सकते मजबूर- मट्टू

सतनाम सिंह मट्टू ने यह भी कहा कि, छात्रों को पर्सनल डिटेल्स के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे उन्हें आपत्ति है. उन्होंने कहा कि, अगर मैं अपनी पर्सनल डिटेल्स देना चाहूं तो दूं, अन्यथा आप दबाव डालकर किसी की पर्सनल जानकारी नहीं ले सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि, यदि छात्र आरोपी हैं तो सरकारी अधिकारी उनकी डिटेल्स ले सकते हैं.

क्या है मामला?

आपको बता दें कि, प्रवर्तन निदेशालय ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के खिलाफ बुधवार 19 अगस्त को बड़ी कार्रवाई की है. ईडी टीम ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में आजम खान के ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े 10 ठिकानों पर रेडमारी है.

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