पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में बड़े भाई की निर्मम हत्या के मामले में करीब तीन साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है. फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने दोषी छोटे भाई सुखपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया.

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दरअसल, 22 अप्रैल 2023 को शाहपुर थाना क्षेत्र में खेत से ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालने को लेकर दो भाइयों के बीच विवाद हुआ था. आरोप है कि विवाद के बाद छोटे भाई सुखपाल ने अपने बड़े भाई तेजवीर के साथ मारपीट की और उसके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया. गंभीर रूप से घायल तेजवीर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी.

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3 साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद मिली सजा

मृतक के बेटे सोनू सैनी की तहरीर पर शाहपुर पुलिस ने आरोपी सुखपाल के खिलाफ हत्या की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. करीब तीन साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 ने सुखपाल को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद और एक लाख रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई. सरकारी अधिवक्ता कुलदीप कुमार के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए, जिनकी गवाही और मजबूत पैरवी के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया.

कोर्ट ने भाई-भाई के रिश्ते पर की टिप्पणी

कोर्ट ने फैसले के दौरान भाई-भाई के रिश्ते का भी जिक्र करते हुए टिप्पणी की कि जिस तरह भगवान राम ने अपने भाई के लिए राजपाट तक त्याग दिया था, उसी भाई ने अपने राम जैसे भाई की निर्मम हत्या कर दी. वहीं, फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर द्वारा पिछले करीब आठ महीनों में कई गंभीर मामलों में सख्त सजा सुनाई गई है. अदालत ने अब तक 10 मामलों में 22 अभियुक्तों को फांसी और इस मामले में एक अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुना है.

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