उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अनंत मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. ऐसे में सवाल उठने के बाद बसपा सुप्रीमो ने सफाई में कहा कि पार्टी 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की पॉलिसी सिद्धांत पर चलने वाली पार्टी है. वहीं मायावती द्वारा पार्टी से निकाले जाने के बाद अंटू मिश्रा की प्रतिक्रिया सामने आई है. 

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एक इंटरव्यू में अंटू मिश्रा ने बसपा से निष्कासन के बाद कहा, "अगर उन्हें हमने बड़ी बहन कहा है, हमारे मां-बाप ने ऐसे संस्कार दिए हैं कि हमने एक बार जिसको बहन है कहा है उनको हम बहन मानते हैं और बहनजी ने हमको बड़ी बहन की तरह स्नेह दिया यह हम झूठ नहीं बोलेंगे. उन्होंने जिस तरह हमारे साथ अच्छा किया है. अगर हमसे कोई जाने-अनजाने में गलती हुई है तो उसके लिए हम माफी मांगते हैं."

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'हमसे गलती हो गई है माफी मांगते हैं'

अंटू मिश्रा ने कहा, "हमसे गलती हो गई है इसके लिए हम माफी मांगते हैं. मैंने ऐसा कुछ किया भी नहीं है जो पार्टी विरोधी हो. मैं परिवार में व्यस्त हो गया था." उन्होंने मायावती के फैसले पर कहा, "उनका यह फैसला है तो हम इसको स्वीकार करते हैं. ब्राह्मण समाज आज भी हमारे प्रति अच्छी भावना रखता है और बहुजन समाज पार्टी का जो कार्यकर्ता है मैं आज उन सबको प्रणाम करता हूं."

उन्होंने आगे कहा, "इस बहुजन समाज पार्टी की यात्रा में जितना सहयोग ब्राह्मण समाज ने किया उतना ही बहुजन समाज ने किया. भले ही वे पार्टी के नाते किया, लेकिन उन्होंने मेरा व्यक्तिगत बहुत समर्थन किया और आगे बढ़ाया."

वहीं उन्होंने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को लेकर कहा, "चिता में जाने तक वे बहुजन समाज पार्टी में रहेंगे और बहुजन समाज पार्टी की नीतियों, सिद्धांतों पर रहेगा और मायावती का वफादार रहेगा. दोनों निष्कासनों के बाद मेरी अशोक सिद्धार्थ से बात हुई और उनकी आंखों में आंसू थे."

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