तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल के कृष्णनगर सर्किट हाउस में देर रात उन्हें कमरा खाली करने के लिए कहा गया, महुआ मोइत्रा ने अपनी एक्स पोस्ट पर बताया है कि जिला प्रशासन बार बार उन्हें फोन और मैसेज करके कमरा खाली करने के लिए कह रहा था. अब इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सवाल खड़े किए हैं.

Continues below advertisement

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं. अखिलेश यादव ने अपनी एक्स पोस्ट पर लिखा, "लोकसभा अध्यक्ष जी स्पष्ट करें कि ये एक सांसद के विशेषाधिकार का हनन है या नहीं." अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भी टैग किया है.

क्या है आवास खाली कराने का मामला?

दरअसल, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि "कृष्णनगर सर्किट हाउस के बाहर भारी भीड़ "जय श्री राम" के नारे लगा रही है, जबकि ज़िला प्रशासन मुझे कमरा खाली करने के लिए बार-बार फ़ोन और मैसेज कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने मुझे गोलियों का सामना करने को कहा था, इसलिए मैं यहाँ हूँ... मैं पीछे नहीं हटूंगी.

Continues below advertisement

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "प्रिय @IPUparliament, मैं भारत में एक महिला सांसद हूँ. सरकार ने मुझसे रात 9:47 बजे और फिर 10:52 बजे सरकारी गेस्ट हाउस में अपना कमरा खाली करने को कहा. उस समय गेट के बाहर बीजेपी की भीड़ मुझ पर हमला करने के लिए उतावली हो रही थी. आज़ादी के दिन भारत में लोकतंत्र का यही हाल है."

सांसद ने सरकारी आवास खाली करने से किया इनकार

एक अन्य पोस्ट पर टीएमसी सांसद ने लिखा, "आदरणीय @loksabhaspeaker, मैं 2029 तक के लिए चुना गया सांसद हूँ. कल लोकसभा का सत्र समाप्त हो गया और मैं अभी कृष्णानगर के सर्किट हाउस में ठहरी हूं, जो सभी सांसदों के लिए आधिकारिक आवास है. अभी स्थानीय प्रशासन का फ़ोन आया जिसमें मुझसे जगह खाली करने और वहाँ से चले जाने को कहा गया! मैंने उनसे साफ़ कह दिया - बिल्कुल नहीं!"