उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव के इस बयान पर शुक्रवार को तंज कसा कि सपा के सत्ता में आने पर आजम खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा.

Continues below advertisement

आदित्यनाथ ने कहा, 'आज सपा उन्हीं (आजम खान) की वकालत करती है जिन्होंने देश की स्वतंत्रता का विरोध करने और भारत के विभाजन का पक्ष लेने वाले एक व्यक्ति (मोहम्मद अली जौहर) के नाम पर एक विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रयास किया.' उन्होंने कहा कि सपा ने घोषणा की है कि यदि वह सत्ता में आई तो उन्हें गृह मंत्री बनाएंगे. वे फिर से दंगा भड़काना चाहते हैं.

आदित्यनाथ विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

Continues below advertisement

इसके साथ ही सीएम ने कहा कि वर्ष 1947 में देश का विभाजन विश्व मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है. यह शर्मनाक कृत्य सत्ता के प्रति अति आतुर कांग्रेस ने किया, जिस पर इस देश ने आंखें बंद करके विश्वास किया था. उनके लिए दलित हिंदुओं का कत्लेआम मायने नहीं रखता था, बल्कि अपना वोट बैंक मायने रखता था. सनातन काल से जो ‘एक भारत’ था, वह टुकड़ों में बंट गया. 

सीएम ने कहा कि उनकी राजनीतिक रोटियां सेंकी जाती रहीं, लेकिन इसकी कीमत कमजोर भारत और निर्दोष नागरिकों को चुकानी पड़ी. इसी विभाजन के दुष्परिणामों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सीएए लेकर आई, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इसका भी विरोध किया.  

'चच्चू को संभालिए, नहीं तो सत्ता में नहीं आने देंगे', योगी के मंत्री की अखिलेश यादव को नसीहत 

बुधवार को यादव ने कहा था कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उनकी पार्टी की सरकार बनी तो जेल में बंद राज्य के पूर्व मंत्री आजम खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा.

यादव ने बुधवार को रामपुर की जिला जेल में आजम खान और उनके छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम खान से मुलाकात की थी.