राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार, 21 अगस्त को यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC का बिल पेश किया जाएगा. कानून मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम विधानसभा में इस बिल को पेश करेंगे. बीजेपी के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने भी शुक्रवार को बिल पेश किए जाने की पुष्टि की है.
राजस्थान सरकार की कैबिनेट पिछले हफ्ते ही यूनिफॉर्म सिविल कोड के बिल को मंजूरी दे चुकी है. अब इसे विधानसभा में पेश कर सरकार इसे कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी. बीजेपी का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह बिल बेहद जरूरी है और इससे अलग-अलग मामलों में एक समान नियम लागू करने की दिशा में कदम उठाया जा सकेगा.
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विपक्ष ने उठाए सवाल
UCC को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं. पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने इसे गैर जरूरी बताया है. पायलट का कहना है कि भारत में अलग-अलग परंपराओं और मान्यताओं को मानने वाले लोग रहते हैं. ऐसे में किसी एक तरह का कानून उन पर थोपना उचित नहीं है.
उन्होंने अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कानून बनाए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए. पायलट का कहना है कि देश में कानून बनाने को लेकर व्यापक सोच और सभी वर्गों की राय को ध्यान में रखना जरूरी है.
बालमुकुंद आचार्य ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वहीं, बीजेपी के फायर ब्रांड विधायक बालमुकुंद आचार्य ने UCC के विरोध को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ वोटों की राजनीति के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध कर रही है. आचार्य का कहना है कि UCC को लेकर सरकार की मंशा साफ है और इसे मौजूदा परिस्थितियों की जरूरत को देखते हुए लाया जा रहा है. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक कारणों से इस कानून का विरोध कर रही है.
अब सभी की नजरें शुक्रवार को विधानसभा में होने वाली कार्यवाही पर हैं. बिल पेश होने के बाद इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं. इसके साथ ही राजस्थान में UCC को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी और तेज होने की संभावना है.
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