युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और भर्ती प्रक्रिया में किसी तकनीकी या प्रशासनिक कमी का खामियाजा पात्र अभ्यर्थियों को न भुगतना पड़े, इसके लिए राजस्थान सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग ने सितंबर 2023 से चली आ रही सेवा नियमों से संबंधित तकनीकी विसंगति के समाधान की दिशा में निर्णायक कदम उठाया है.
कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने मामले में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए अधिकारियों को अभ्यर्थियों के हित में त्वरित और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. विभाग का उद्देश्य है कि नियमों से जुड़ी पुरानी तकनीकी कमी के कारण किसी पात्र युवा के रोजगार का अवसर प्रभावित नहीं हो.
डीजीटी में 200 अभ्यर्थियों के चयन में कानूनी स्थिति हुई थी उत्पन्न
दरअसल, सितंबर 2023 में बनाए गए सेवा नियमों में डीजीटी यानी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग की कुछ गाइडलाइन्स शामिल नहीं हो पाई थीं. इसके चलते हालिया भर्ती प्रक्रिया में करीब 200 अभ्यर्थियों के चयन और नियुक्ति को लेकर तकनीकी एवं कानूनी स्थिति उत्पन्न हो गई थी.
भर्ती प्रक्रिया के दौरान मामला सामने आने के बाद विभाग ने इसे लंबित रखने के बजाय अभ्यर्थियों के हित में समाधान तलाशने की प्रक्रिया शुरू की. मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमों के अनुरूप ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे पात्र अभ्यर्थियों के हित सुरक्षित रहें और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सके.
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2,500 जूनियर इंस्ट्रक्टर पदों पर भर्ती तेजी से बढ़ाई जा रही आगे
विभाग की ओर से जूनियर इंस्ट्रक्टर के करीब 2,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है. अब तक करीब 1,150 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जा चुकी है. वहीं, करीब 450 अभ्यर्थियों की अनुशंसा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) को भेजी गई थी. विभाग के प्रयासों के बाद इनमें से 100 अभ्यर्थियों का परिणाम 17 अगस्त 2026 को जारी किया जा चुका है. शेष अभ्यर्थियों के परिणाम और अनुशंसा की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है.
इसके अलावा RSSB के पास पहले से लंबित करीब 350 अनुशंसाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को भी सेवा नियमों की तकनीकी विसंगति दूर होने का लाभ मिलने की संभावना है. इस प्रकार कुल मिलाकर करीब 550 अभ्यर्थियों के लिए रोजगार की राह आसान होने की उम्मीद है.
सरकार की प्राथमिकता युवाओं के हितों में
मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने स्पष्ट किया है कि सरकार की प्राथमिकता केवल भर्ती प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र युवा प्रशासनिक या तकनीकी कमी के कारण रोजगार के अवसर से वंचित न हो.
राज्य सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने के साथ पुरानी व्यवस्थाओं में सामने आ रही कमियों का भी समाधान किया जाएगा. विभाग की इस पहल से जूनियर इंस्ट्रक्टर भर्ती से जुड़े सैकड़ों युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है.
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