बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह सब उनका ड्रामा है. बीजेपी का लोकतंत्र से कोई लेना-देना नहीं है. ये लोग कभी किसी दलित को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बना सकते.

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कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “देखिए, यह सब उनका ड्रामा है. पूरी बीजेपी को सिर्फ दो लोग चलाते हैं और उसी हिसाब से वे अपनी पसंद का अध्यक्ष चुनते हैं और पार्टी को अपनी मर्जी से चलाते हैं. बीजेपी सच में किसी दलित को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बना सकती, वे सिर्फ नाम के लिए ऐसा करते हैं.”

SIR प्रक्रिया में धांधली के आरोप

एसआईआर पर टीकाराम जूली ने कहा, "चुनाव निष्पक्ष तरीके से होने चाहिए. राजस्थान में लाखों वोटर्स के लिए एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो गई थी, सत्यापन और ड्राफ्ट पब्लिकेशन हो गया था और आपत्तियां मंगाई गई थीं. अमित शाह के दौरे तक सब कुछ ठीक चल रहा था, जिसके बाद नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने लगे."

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जांच के लिए चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से अपील

उन्होंने कहा कि मुझे अकेले ही ऐसे करीब 25,000 आवेदन मिले, जिनमें से कई पर गलत हस्ताक्षर थे. यह एक गंभीर गड़बड़ी लगती है. मैं चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से इन फॉर्म के सोर्स और गलत हस्ताक्षर की जांच का आदेश देने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील करता हूं.

राजस्थान में 'कांग्रेस वोटर रिमूवल' (CVR) कैंपेन का दावा

टीकाराम जूली ने कहा, "राजस्थान में एक कैंपेन चल रहा है. वहां कांग्रेस वोटर रिमूवल (सीवीआर) हो रहा है, एसआईआर नहीं. राजस्थान में इस कैंपेन को कांग्रेस वोटर रिमूवल कहा जा रहा है. हमारे राज्य में एसआईआर हुआ था. जैसा कि आपने देखा होगा, बिहार में एसआईआर की वजह से लोगों के नाम हटाने को लेकर काफी विवाद हुआ था. इसी वजह से हम राजस्थान में अलर्ट थे. प्रदेश अध्यक्ष की देखरेख में हर बूथ पर बीएलए तैनात किया गया था. यही वजह है कि जब एसआईआर प्रोग्राम हुआ, तो राजस्थान से कोई शिकायत या गड़बड़ी सामने नहीं आई.

प्रमुख मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

उन्होंने कहा, "वे अलवर के एक बड़े शहर भिवाड़ी या यहां तक ​​कि देश की राजधानी दिल्ली की हालत के बारे में एक शब्द भी नहीं कहते. ये आज गंभीर समस्याएं हैं. वे इस पर जवाब क्यों नहीं देते? वे नहीं देंगे. उनका पूरा ध्यान बंगाल चुनाव जीतने पर है, इसलिए वे उसी के बारे में बात करेंगे. लेकिन असली, ज़रूरी मुद्दों पर उनके पास कोई जवाब नहीं है."

बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर पीएम से सवाल

पश्चिम बंगाल पर टीकाराम जूली ने कहा, “पहले प्रधानमंत्री बंगाल की बात करना बंद करें और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जो हो रहा है, उस पर बात करें, उसका जवाब दें. ममता बनर्जी ने मजबूती से जवाब दिया है और यह मुद्दा आपके लिए महंगा साबित होगा. राजस्थान में जिस तरह से आप चीजों को बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम विपक्ष में मजबूती से खड़े हैं."

यमुना की सफाई, प्रदूषण और अवैध खनन पर घेरा

उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान यमुना को दिखावे के लिए साफ किया गया था, लेकिन आज उसकी हालत देखिए. आप दिल्ली में प्रदूषण के बारे में क्यों नहीं बोलते? क्या प्रदूषण सच में थोड़ा भी कम हुआ है? हमारे अलवर से मंत्री आते हैं, फिर भी अरावली में खनन के लिए मंजूरी दी जा रही है. यही सच्चाई है.