आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर सोमवार 17 अगस्त को सीकर जिले में वार्डों के वर्गवार और महिला आरक्षण की लॉटरी निकाली गई. जिला परिषद सभागार में आयोजित इस प्रक्रिया में जिले के कुल 14 नगरीय निकायों के वार्डों का आरक्षण निर्धारित किया गया, जिससे स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य में हलचल आ गई है.
पहली कड़ी में सुबह 11 बजे सीकर, लोसल, फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, धोद और रामगढ़-शेखावाटी के वार्डों का आरक्षण निकाला गया. दूसरी कड़ी में दोपहर 12:30 बजे पलसाना, दांतारामगढ़, खाटूश्यामजी, रींगस, खंडेला, श्रीमाधोपुर, अजीतगढ़ और नीमकाथाना के वार्डों के आरक्षण तय किए गए.
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किस तरह का आरक्षण हुआ तय
लॉटरी में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य वर्ग के साथ-साथ महिला आरक्षण (सभी वर्गों के लिए) भी निर्धारित किया गया. इससे उन वार्डों में जहां आरक्षण बदल गया है, वहां पुराने दावेदारों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है और आरक्षित बने वार्डों में नए दावेदारों के लिये चुनावी मैदान खुल गया है.
राजनीतिक असर
कई वार्डों में पुराने समीकरण बदल गए हैं; ऐसे वार्डों में अब पारंपरिक मुकाबला बदलकर नए प्रतिद्वंद्वियों के बीच होगा. महिला आरक्षण के प्रवर्तन से कई स्थानों पर महिलाओं के लिए प्रत्यक्ष भागीदारी के रास्ते खुल गए हैं, जिससे स्थानीय नेतृत्व में बदलाव की उम्मीद है. नए आरक्षित वर्गों के लागू होने पर दलों और स्थानीय नेता-समर्थकों की रणनीतियाँ बदलनी पड़ेंगी; कुछ की टक्कर कमजोर होगी तो कुछ के लिए मौके बनेंगे.
अब क्या होगा
आरक्षण सूची जारी होने के बाद राजनीतिक दल, स्थानीय निजी समर्थक और संभावित प्रत्याशी अगले कुछ सप्ताह में नए समीकरणों के अनुसार उम्मीदवार तय करने और प्रचार-प्रसार की रणनीति पर काम शुरू कर देंगे. निकाय चुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद पूरी तैयारियों और उम्मीदवारों की फाइनल सूची से क्षेत्रीय राजनीति की तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी.
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