बीजेपी ने सोमवार (17 अगस्त) को नई राष्ट्रीय कमेटी का ऐलान किया है. इसमें राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का भी नाम है. उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  की जिम्मेदारी दी गई है. पार्टी ने इस पद के लिए उनकी जिम्मेदारी को जारी रखा है. वसुंधरा राजे के साथ राजस्थान से सतीश पूनिया को नई टीम में राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है. राजेश मंगल सह कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं. मन्नालाल रावत को एसटी मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है. मन्नालाल रावत उदयपुर से बीजेपी के लोकसभा सांसद हैं.

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वसुंधरा राजे का सियासी सफर

वसुंधरा राजे राजस्थान बीजेपी की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. 14 नवम्बर 2002 से 14 दिसम्बर 2003 और 2 फरवरी 2013 से 12 फरवरी 2014 तक दो बार वो इस पद के चुनी गईं. 2003 में वसुंधरा राजे पहली बार राजस्थान की सीएम बनीं और अपना कार्यकाल पूरा किया. इसके बाद 2013 से 2018 तक वो इस पद पर काबिज रहीं. 

1989 में वसुंधरा राजे पहली बार लोकसभा की सांसद बनीं. 1991 में वो फिर संसद के निचले सदन में पहुंचीं. 1996, 1998 और 1999 में भी लोकसभा का चुनाव जीता. 1998-99 तक वो केंद्र में मंत्री भी रहीं.

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राजस्थान बीजेपी चीफ ने दी बधाई

राजस्थान बीजेपी के चीफ मदन राठौड़ ने एक्स पोस्ट में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं अन्य दायित्वों पर नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.

इसके आगे उन्होंने लिखा, "राजस्थान से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री एवं लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर हार्दिक अभिनंदन. भाजपा के सभी नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों को नवीन दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. आप सभी अपने अनुभव, निष्ठा एवं समर्पण से संगठन को नई मजबूती प्रदान करें, यही मंगलकामना है."

कार्यकर्तापन हमारे लिए प्राथमिकता- सतीश पूनियां

संगठन में जिम्मेदारी मिलने पर राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने कहा, "हमारे यहां तो काम करने की परंपरा है. कार्यकर्तापन हमारे लिए प्राथमिकता है. पहले भी कार्यकर्ता था, आज भी कार्यकर्ता हूं और आगे भी कार्यकर्ता रहूंगा. पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है, पार्टी को सर्वश्रेष्ठ दूंगा." 

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