Rajasthan News: राजस्थान में राशन की दुकानों के राशन डीलर अब तोल में गड़बड़ी नहीं कर पाएंगे. सरकारी (राशन) उचित मूल्य की दुकानों पर गड़बड़ी को रोकने के लिए अब पॉश मशीन को ई-तराजू (Electronic Weighing Machine) से लिंक करने की कवायत शुरू कर दी गई है. प्रदेश के सभी जिलों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश राशन की दुकानों पर यह ई-तराजू पहुंचने शुरू हो चुके हैं. जल्द ही विभाग के द्वारा प्रदेश के सभी जिलों की दुकानों पर उनकी सप्लाई करने के साथ ही सॉफ्टवेयर एक्टिवेट कर दिया जाएगा.

इसके बाद पॉश मशीन पर अनूठा लगाते ही राशन कार्ड की यूनिट संख्या स्कैन होगी, उसी के आधार पर राशन का तौल निर्धारित होगा. रसद विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक में एक कार्ड के तौल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दूसरा कार्ड सक्रिय होगा. डीलर इस तकनीकी में छेड़छाड़ का प्रयास करेंगे, तो वह तुरंत पकड़ में आ जाएगा. ऐसे में इससे पारदर्शिता आएगी. जोधपुर शहर और ग्रामीण रसद विभाग के डीएसओ अश्वनी गुर्जर ने बताया कि अभी सभी राशन की दुकानों पर ई-तराजू बायोमेट्रिक के साथ कंपनी सीधा पहुंचा रही है. 

लगातार आ रही थी शिकायतउन्होंने कहा कि अभी कुछ समय और लगेगा उसके बाद सभी जगह ऑनलाइन राशन की सप्लाई की जाएगी. सरकार का आदेश आने के बाद सॉफ्टवेयर को एक्टिवेट कर दिया जाएगा. यह योजना सरकार के 100 दिवसीय कार्य योजना में शामिल है. बता दें प्रदेशभर में कई जगह कालाबाजारी राशन डीलर पॉश मशीन से राशन तौलने पर कई बार गड़बड़ी करते हैं. ऐसी कई शिकायतें भी सामने आई है. शिकायतों में यह भी सामने आया आया है कि दुकानदार पॉश मशीन पर उपभोक्ता के अंगूठे को स्कैन करने के बाद कई बार उनको अगली तारीख दे देते हैंय

कालाबाजारी पर लगेगी रोकवहीं कई बार उस तारीख को दुकान भी नहीं खोलते थे. अगर दुकान खोलते थे, तो उपभोक्ता को कोई न कोई समस्या बताकर निर्धारित तौल से कम राशन तौल कर दे देते थे. कई बार शिकायतें यह भी सामने आई है कि राशन डीलर इलेक्ट्रॉनिक तराजू की रीडिंग को भी सेट करवा लेते हैं. इस तरह की गड़बड़ी की शिकायत होने पर राशन डीलर ऐसा करना बंद कर देंगे, लेकिन कुछ समय बाद फिर से यह सब शुरू हो जाता है. इसे रोकने के लिए यह नई व्यवस्था की जा रही है, जिससे आम उपभोक्ता को राहत मिलेगी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी.

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