Rajasthan: लोकसभा चुनाव 2024 में अब कुछ ही दिन बचे हैं, ऐसे में राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुट गई हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तो मेवाड़ (Mewar) से चुनावी शंखनाद भी कर दिया है. हाल ही में उदयपुर, बीकानेर, जोधपुर में कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ, लेकिन कई स्थितियों में देखें तो बीजेपी के लिए मेवाड़ खास है. पार्टी की तरफ से भी कई बार शुरुआत मेवाड़ से जाती है, तो कुछ दिग्गज नेता ऐसे भी हैं जो अपने काम की शुरुआत से पहले मेवाड़ और वागड़ के मंदिरों में माथा टेकते हैं.

राजस्थान विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से चुनावी सभा की शुरुआत मेवाड़ से ही हुई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उदयपुर में पहली चुनावी सभा की थी. अब लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने कार्यकर्ता सम्मेलन किया, जिसमें अमित शाह ने चुनावी शंखनाद किया. सम्मेलन में तीन शहरों में उदयपुर के लोग भी शामिल थे. इसके अलावा भी मेवाड़ और वागड़ में कई सभाएं हो चुकी हैं. इसके पीछे दो बड़े कारण है, विधानसभा की स्थिति देखे तो यहां 28 सीट हैं. वहीं लोकसभा देखे तो चार सीटें तो हैं ही, साथ में गुजरात और मध्य प्रदेश का भी जुड़ाव होता है. बड़ी संख्या में आदिवासी वोटर हैं. इसलिए राजनीतिक रूप से देखे तो बीजेपी की तरफ से मेवाड़ और वागड़ को ज्यादा तवज्जो दी जाती है.

 
बीजेपी नेताओं का मेवाड़-वागड़ से धार्मिक जुड़ाव
यहां राजनीतिक स्थिति के साथ धार्मिक जुड़ाव भी है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे कुछ भी काम शुरू करतीं है, तो वह राजसमंद जिले में स्थिति चारभुजा मंदिर और बांसवाड़ा स्थिति त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन करती हैं. इस बात को उन्होंने कई बार मंच से भी कहा है. साथ ही विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी का भी उदयपुर के देवी मां के अलग-अलग मंदिरों से जुड़ाव है. वह वैसे तो दौरे पर आते ही हैं, लेकिन नवरात्रि में विशेष रूप से दर्शन करने आते हैं. इसी तरह बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी का सांवलियां सेठ मंदिर से जुड़ाव है यानी बीजेपी के लिए राजनीतिक और धार्मिक रूप से मेवाड़ और वागड़ हमेशा से खास रहे हैं.