संविदा नर्सिंगकर्मी दीपक की मौत के बाद राजस्थान में नर्सिंग स्टाफ का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है. नौकरी से हटाए जाने के बाद दीपक द्वारा जहर खाकर आत्महत्या किए जाने के मामले ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना के विरोध में शनिवार (13 जून) से राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंगकर्मी बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं.

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राजधानी जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज परिसर में बड़ी संख्या में नर्सिंगकर्मी धरने पर बैठे हैं. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दीपक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दीपक की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि संविदा कर्मचारियों की पीड़ा का प्रतीक है.

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मुआवजा और नौकरी की मांग

हड़ताल कर रहे नर्सिंगकर्मियों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं. इनमें दीपक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और रहने के लिए आवास उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख है. कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और परिवार को तत्काल राहत देनी चाहिए.

नर्सिंगकर्मियों का कहना है कि प्रदेश में करीब 7 हजार संविदा नर्सिंग स्टाफ लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित नहीं किया गया. उनका आरोप है कि हाल ही में कई कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया, जिससे उनमें असुरक्षा की भावना बढ़ी है. प्रदर्शनकारी सभी हटाए गए कर्मचारियों की तत्काल बहाली और नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं.

भत्ते को लेकर भी नाराजगी

धरने पर बैठे कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई. उनका कहना है कि महीने भर काम करने के बावजूद उन्हें केवल 7 हजार रुपये भत्ते के रूप में मिलते हैं. कर्मचारियों के मुताबिक इतनी कम राशि में परिवार चलाना मुश्किल है, फिर भी वे वर्षों से इस उम्मीद में काम कर रहे थे कि भविष्य में उन्हें स्थायी नियुक्ति मिलेगी.

नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल का असर अब अस्पतालों में साफ दिखाई देने लगा है. कई जगह स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस आंदोलन को कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का समर्थन मिला है.

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सांसद हनुमान बेनीवाल भी प्रदर्शन में शामिल हुए. नर्सिंगकर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. इसके तहत रविवार को जयपुर के महिला चिकित्सालय में बड़े प्रदर्शन की तैयारी की गई है.