राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है. राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए बताया कि 309 नगर निकाय और 10 नगर निगमों में चुनाव होंगे. उन्होंने बताया कि चुनाव दो चरणों में संपन्न करवाए जाएंगे.

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निर्वाचन आयोग के मुताबिक 9 सितंबर और 11 सितंबर को दो चरणों में चुनाव होंगे और 14 सितंबर को मतगणना होगी. राजेश्वर सिंह के मुताबिक 1.44 करोड़ मतदाता वोट डाल सकेंगे. 10245 वार्डों में ये चुनाव होंगे. सबसे ज्यादा मतदाता जयपुर नगर निगम में हैं, जहां 24 लाख से ज्यादा वोटर हैं.

चुनाव कार्यक्रम का पूरा चार्ट : 

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तारीख      चुनाव प्रक्रिया

27 अगस्त : चुनाव अधिसूचना जारी, नामांकन प्रक्रिया शुरू

31 अगस्त  :  नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि

नामांकन जांच के बाद वैध प्रत्याशियों की सूची

3 सितंबर : नाम वापसी की अंतिम तिथि

9 सितंबर : प्रथम चरण का मतदान

11 सितंबर : द्वितीय चरण का मतदान

14 सितंबर : मतगणना और चुनाव परिणाम

21 सितंबर : महापौर/सभापति/नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव

22 सितंबर : उपमहापौर/उपसभापति/नगरपालिका उपाध्यक्ष का चुनाव और साधारण सभा

आचार संहिता लागू

वहीं नगर निकायों के अध्यक्ष के चुनाव 21 सितंबर और उपाध्यक्ष के चुनाव 22 सितंबर को होंगे और उसी दिन वोटों की गिनती होगी. अधिसूचना जारी होते ही तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता भी लग गई है. 1.15 लाख कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगीऔर 98790 पुलिस कर्मी तैनात होंगे.

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10,245 पार्षद सीटों के लिए होंगे चुनाव

309 शहरी स्थानीय निकायों में 10,245 पार्षद सीटों के लिए चुनाव होंगे. इन निकायों में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं. सबसे पहले पार्षद पद के लिए चुनाव होंगे, उसके बाद मेयर, नगर परिषद अध्यक्ष और नगरपालिका अध्यक्षों के चुनाव होंगे.

आचार संहिता के बाद इन पर रहेगी रोक

आचार संहिता लागू होने के बाद, सरकार को उन शहरी इलाकों में नए विकास प्रोजेक्ट्स की घोषणा करने की अनुमति नहीं होगी जहां चुनाव हो रहे हैं. कोई नया वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया जा सकता और न ही नए प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकते हैं. हालांकि, मौजूदा मंजूरी के आधार पर चल रहे विकास कार्य जारी रहेंगे. मॉडल कोड लागू रहने के दौरान नए प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन और शिलान्यास समारोहों पर भी रोक रहेगी.

HC के निर्देश के बाद हो रहे चुनाव

ये चुनाव राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद कराए जा रहे हैं. कोर्ट ने शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनाव में देरी पर चिंता जताई थी और निर्देश दिया था कि चुनाव 15 नवंबर तक पूरे कर लिए जाएं. कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी कर ली जाए. स्थानीय स्वशासन विभाग ने पदों और वार्डों के आरक्षण के लिए लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली है और विवरण राज्य चुनाव आयोग को भेज दिया है.

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