राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इथेनॉल फैक्ट्री बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों से शांतिपूर्ण बातचीत की अपील की है. उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर उनसे बात कर सकते हैं, और वह उन्हें मुख्यमंत्री से मिलवाकर समाधान निकालने की कोशिश करेंगे. मीणा ने स्पष्ट किया कि अगर बातचीत के बाद भी कोई समाधान नहीं निकलता है, तो किसान अपना आंदोलन जारी रख सकते हैं. कृषि मंत्री ने फैक्ट्री में हुई आगजनी और तोड़फोड़ की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है और किसानों को शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करना चाहिए, न कि हिंसक तरीके से. मीणा ने किसानों की उस चिंता का भी समाधान सुझाया जिसमें फैक्ट्री से पानी के प्रदूषण की आशंका जताई जा रही है. उन्होंने कहा कि पानी को एसटीपी (STP) प्लांट लगाकर रीसाइकिल किया जा सकता है.

विधायक अभिमन्यु पूनिया को चोट

हनुमानगढ़ के टिब्बी में इथेनॉल फैक्ट्री बंद करवाने की मांग को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है. मंगलवार(10 दिसंबर) को हुए प्रदर्शन के दौरान संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया को चोट आई, जिनका फिलहाल अस्पताल में इलाज जारी है.वहीं, बुधवार (1 दिसंबर) किसानों के साथ फैक्ट्री बंद करने की मांग को लेकर कूच कर रहे विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर का पुलिस से आमना-सामना हो गया. इसके बाद विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर को उनके समर्थकों के साथ पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

किसान संगठन महापंचायत को लेकर अड़े

इथेनॉल प्लांट के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान संगठन और विपक्षी दलों के कार्यकर्ता आज की महापंचायत करने पर अड़े हुए हैं. उनका साफ कहना है कि जब तक जिला प्रशासन लिखित समझौता नहीं करता, तब तक आंदोलन वापस लेना या सभा रद्द करना संभव नहीं है. किसानों की मुख्य मांग है कि प्लांट के कारण आसपास के गांवों की जमीन, पानी और पर्यावरण पर बुरा असर न पड़े, इसके लिए पुख्ता गारंटी दी जाए.

MoU कांग्रेस सरकार के समय ही हुआ था- मंत्री गोदरा

वहीं, मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि इथेनॉल फैक्ट्री स्थापित करने का निर्णय पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लिया गया था, और अब वही कांग्रेस नेता किसानों को गुमराह कर विरोध भड़का रहे हैं. मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि कल की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण रही, जिसमें 10 से अधिक वाहन जला दिए गए और कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए. उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने का काम किया है. राज्य सरकार दंगा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर रही है.  कांग्रेस हमेशा किसान कल्याण के नाम पर झूठ फैलाती रही है जबकि असल में अपने शासन में किसानों का शोषण किया. उन्होंने कहा कि इथेनॉल फैक्ट्री लगने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा किसानों को लाभ मिलेगा. लोगों को यह कहकर गुमराह किया जा रहा है कि फैक्ट्री पानी का दोहन करेगी, जबकि इसका MoU कांग्रेस सरकार के समय ही हुआ था.

कांग्रेस की ‘दोहरी नीति’ उजागर- जोगाराम पटेल

मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस की ‘दोहरी नीति’ उजागर हो रही है. जिस परियोजना को कांग्रेस सरकार ने स्वयं मंजूरी दी थी, अब उसके ही नेता किसानों को भड़का रहे हैं. किसान हित में राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों से वार्ता के लिए पूरी तरह तैयार है. प्रदेश सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ किसानों के हितों को प्राथमिकता देती है, लेकिन असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल खराब करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

सरकार की नाकामी का नतीजा- कांग्रेस

हिंसा पर कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान सरकार पर सियासी निशाना साधा है. राजस्थान कांग्रेस के प्रवक्ता भीमराज जाखड़ का कहना है कि यह घटना सरकार की नाकामी का नतीजा है. सरकार को आंदोलनकारियों से बात करनी चाहिए. उनकी बात सुनकर हल निकालना चाहिए.