देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. परीक्षा के बाद अब कथित ‘गेस पेपर’ को लेकर सवाल उठने लगे हैं. दावा किया जा रहा है कि परीक्षा से पहले बाज़ार में 150 पन्नों का एक ‘गेस पेपर’ घूम रहा था, जिसमें कुल 410 सवाल थे. इनमें से 135 सवाल NEET परीक्षा में हूबहू मिलने की बात कही जा रही है.
इतना ही नहीं, सवालों की भाषा, विकल्प, कॉमा और फुलस्टॉप तक एक जैसे बताए जा रहे हैं. इस खुलासे के बाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत में हलचल मच गई है.
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कथित ‘गेस पेपर’ में दिए गए जीव विज्ञान के 90 सवाल और रसायन विज्ञान के 45 सवाल परीक्षा में पूरी तरह मेल खाते पाए गए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में कुछ सवाल मिल जाना सामान्य बात हो सकती है, लेकिन इतने बड़े स्तर पर सवालों का शब्दशः मिलना गंभीर मामला है. यही वजह है कि अब इस पूरे मामले की गहराई से जाँच की जा रही है.
सीकर से फैला मामला
जांच एजेंसियों के अनुसार यह कथित ‘गेस पेपर’ राजस्थान के सीकर जिले से बाजार में आया था. इसके बाद राजस्थान SOG की कई टीमें सीकर में सक्रिय हो गई हैं. पुलिस कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही है. कार्रवाई के दौरान मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर और CCTV फुटेज भी जब्त किए गए हैं.
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं और करीब 3 दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है. वहीं SOG की कार्रवाई के बाद कई हॉस्टल संचालक और मालिक फरार बताए जा रहे हैं.
पेपर लीक हुआ या नहीं? जांच जारी
इस पूरे मामले पर SOG ADG विशाल बंसल ने कहा है कि अभी सीधे तौर पर पेपर लीक की पुष्टि नहीं की जा सकती, क्योंकि जांच अभी जारी है. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कथित ‘गेस पेपर’ किसने तैयार किया, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और इसे बाजार तक कैसे पहुंचाया गया.
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी पहले से बाहर तो नहीं आई थी.
NTA ने जारी किया प्रेस नोट
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भी इस मामले में प्रेस नोट जारी किया है. एजेंसी का कहना है कि राजस्थान SOG को पूरी तकनीकी और डेटा सहायता दी जा रही है. NTA ने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी.
साथ ही एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे घबराएँ नहीं. NTA का कहना है कि लाखों विद्यार्थियों ने मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा दी है और उनकी मेहनत पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए.
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
इस पूरे विवाद के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है. सोशल मीडिया पर भी लोग परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं. अब सबकी नजर SOG की जांच पर टिकी है कि आखिर यह मामला सिर्फ ‘गेस पेपर’ का है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था.
