जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय की विजिलेंस टीम ने मंगलवार (11 अगस्त) को सीकर स्थित विश्वभारती कॉलेज में आकस्मिक निरीक्षण किया. इस दौरान PGDCA (Post Graduate Diploma in Computer Applications) परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल करते हुए करीब 20 विद्यार्थियों से नकल सामग्री जब्त कर परीक्षा निरस्त कर दी.

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विश्वविद्यालय ने मामले की गंभीरता के चलते संबंधित परीक्षा केंद्र के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. ससे पहले 7 अगस्त को लालसोट के एमडी पीजी कॉलेज में सामूहिक नकल पकड़ी गई थी. 

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20 छात्रों से नकल सामग्री जब्त

विजिलेंस टीम के आकस्मिक निरीक्षण में सामने आया कि परीक्षा केंद्र के तीन कमरों में कुल 72 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे थे, जिनमें से कई समूह में बैठकर एक-दूसरे की उत्तर पुस्तिकाओं से नकल कर रहे थे. टीम में शास्त्री कोसलेंद्रदास और डॉ. देवेंद्र कुमार शामिल थे. कार्रवाई के दौरान टीम ने लगभग 20 छात्रों से नकल में प्रयुक्त उत्तर सामग्री जब्त की. मौके की वीडियो, वॉइस रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग को सौंप दिए गए हैं.

परीक्षा रद्द

कुलपति प्रो. मदनमोहन झा के निर्देश पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंभुकुमार झा ने ही संबंधित सेंटर पर आयोजित पीजीडीसीए परीक्षा को निरस्त कर दिया. विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते ने दूसरी पारी की परीक्षा की निगरानी की और उसे सुरक्षित रूप से कराया गया. विजिलेंस टीम की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

यह पांच दिन के भीतर दूसरा सामूहिक नकल का मामला है. इससे पहले 7 अगस्त को लालसोट के एमडी पीजी कॉलेज में भी परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल पकड़ी गई थी, जिस पर विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते ने तत्काल कार्रवाई कर उस परीक्षा को भी निरस्त कर दिया था.

कुलपति ने दिया सख्त आश्वासन

कुलपति प्रो. मदनमोहन झा ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए गए केंद्रों तथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

विश्वविद्यालय ने बयान में कहा है कि घटना की विस्तृत जांच कर, नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक और कानूनी कदम उठाए जाएंगे तथा आवश्यकतानुसार और आश्वासन दिए जाएंगे कि आगे से ऐसी अनियमितताओं को रोका जाए.

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