जयपुर में बुधवार (12 अगस्त) की दोपहर अचानक मौसम का मिजाज बदला और बारिश शुरू हो गई. करीब सवा घंटे तक हुई झमाझम बारिश के बाद शहर की सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं.

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कई इलाकों में सड़कों पर करीब 2 फीट तक पानी जमा हो गया. जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति भी देखने को मिली.

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 कई इलाकों में भरा घुटनों तक पानी

शहर के एमडी रोड, रामगंज, सुभाष चौक, मालवीय नगर, अल्बर्ट हॉल और जेएलएन रोड समेत कई इलाकों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया. सबसे ज्यादा परेशानी टोंक रोड और मोती डूंगरी रोड पर देखने को मिली. यहां सड़क पर जमा बारिश का पानी कई दुकानों और घरों के अंदर तक पहुंच गया. इससे लोगों को अपना सामान बचाने के साथ-साथ घरों और दुकानों से पानी निकालने के  लिए मशक्कत करनी पड़ी.

थमी वाहनों की रफ्तार

बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख रास्तों पर जलभराव होने से वाहनों की रफ्तार थम गई. कई जगह वाहन पानी के बीच फंसे नजर आए. वहीं, ट्रैफिक जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई. सड़क किनारे और निचले इलाकों में पानी जमा होने से पैदल चलने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गईं.

जयपुर में बारिश के बाद जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है. हर साल मानसून के दौरान शहर के कई इलाकों में मामूली बारिश के बाद भी सड़कें दरिया बन जाती हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश का पानी निकालने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण थोड़ी देर की बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं.

गर्मी से मिली राहत

हालांकि, उमस भरी गर्मी से परेशान जयपुर वासियों के लिए बारिश राहत लेकर आई. बारिश के बाद मौसम सुहावना हुआ और तापमान में भी कुछ राहत महसूस हुई. लेकिन इसके साथ ही जलभराव ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था और बारिश के पानी की निकासी के इंतजामों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए.

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