Kota NEET Student Suicide: राजस्थान का कोटा एक समय पर IIT-JEE और NEET की कोचिंग के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहां छात्र-छात्राओं के आत्महत्या के मामले इतने ज्यादा आने लगे हैं कि यह शहर अब 'सुसाइड फैक्ट्री' बन गया है. ताजा मामले में एक छात्रा NEET एग्जाम के कुछ घंटे पहले ही एक छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी है.
छात्रा का ताल्लुक मध्य प्रदेश से है. वह अपने परिवार के साथ कोटा शहर में ही रहती थी. फिलहाल, खुदकुशी की वजह पूरी तरह से साफ नहीं हुई है. शव के पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है. अब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच में जुट गई है.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हालकुन्हाडी थाना इलाके में रहने वाले छात्रा के परिवार का कहना है कि वह घरवालों के साथ रहकर ही कोचिंग कर रही थी और रविवार (4 मई) को होने वाले NEET एग्जाम में बैठने वाली थी. वह काफी दिनों से एग्जाम को लेकर प्रेशर में रहती थी. बच्ची के जाने के बाद से पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ है और घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है.
पुलिस कर रही कारणों की जांचएसएचओ अरविंद भारद्वाज ने जानकारी दी, "कोटा में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही नाबालिग छात्रा ने आत्महत्या कर ली है. वह श्योपुर मध्य प्रदेश की रहने वाली थी. छात्रा ने NEET परीक्षा से एक रात पहले फांसी लगा ली. पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जानकारी जुटा रही है."
पुलिस ने जानकारी दी कि छात्रा ने अपने कमरे में बनी लोहे की ग्रिल पर स्कार्फ लगाकर फंदा बनाया था और शनिवार शाम को अपनी जान दे दी. उस समय उसके परिजन घर में ही थे. उन्हें शनिवार, 3 मई की रात करीब 9.00 बजे पता चला कि उनकी बेटी ने सुसाइड कर लिया है. आसपास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.
इस साल 14 आत्महत्याएंडराने वाली बात यह है कि साल के चार महीने ही बीते हैं और अब तक कोटा में 14 बच्चों ने अपनी जिंदगी से हार मानते हुए सुसाइड कर लिया है. साल 2024 में आत्महत्या का आंकड़ा 17 था.