Hanuman Jayanti 2024 in Bharatpur: भरतपुर सहित पूरे देश में मंगलवार (23 अप्रैल) को पूरे देश हनुमान जन्मोत्सव पूरे धूमधाम से मनाया गया. इस मौके पर सभी हनुमान मंदिरों में फूल बंगला झांकिया सजाकर भंडारे लगाये गए. सुबह से ही हनुमान मंदिरों में भजन, रामायण पाठ, सुन्दरकाण्ड का पाठ शुरू कर दिया गया था.
हनुमान जन्मोत्सव शहर के छोटे- बड़े हनुमान मंदिरों में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया. इस शुभ अवसर पर सुबह से मंदिरों भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा. श्रद्धालुओं ने हनुमान जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया. इसी क्रम में कल शहर के प्राचीन मंदिरों को फूल- बंगला झांकी सजाकर आकर्षक रोशनियों से सजाया गया है.
भक्तों का उमड़ा जनसैलाबश्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए जगह-जगह हनुमान मंदिरों में भण्डारे का आयोजन किया गया. जयपुर- आगरा नेशनल हाइवे पर लुधावई गांव में स्थित बड़ा हनुमान मंदिर में फूल बंगला झांकी और विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया. जिसमें भक्तों और संतो ने बढ़- चढ़ कर हिस्सा लिया और हजारों भक्तों ने भण्डारे में प्रसादी ग्रहण किया.
चिन्ताहरण मंदिर से निकली भव्य झांकीमथुरा गेट स्थित प्रसिद्ध पंचमुखी हनुमान मंदिर पर भव्य फूल बंगला झांकी और किला स्थित बागड़ वाले हनुमान मंदिर के साथ मथुरा गेट हनुमान मंदिर में झांकी सजाई गई. भरतपुर में भी शहर के प्रमुख मंदिरों में हनुमान जनोत्सव के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किये गए.
शहर के चिंताहरण हनुमान मंदिर पर आयोजित तीन दिवसीय हनुमान जयंती महोत्सव के तहत रविवार से सुन्दरकाण्ड का पाठ किया गया. विगत सोमवार को धार्मिक उल्लास के साथ शोभायात्रा निकाली गई. मंगलवार को चिन्ताहरण मंदिर में फूल बंगला झांकी सजाई गई है और प्रसादी का वितरण किया गया है.
कलश यात्रा में की गई ड्रोन से पुष्प वर्षाकृषि नवीन मंडी यार्ड स्थित हनुमान मंदिर पर हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य कलश यात्रा कुम्हेर गेट से नवीन मंडी यार्ड तक निकाली गई. कलश यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया. कलश यात्रा में ड्रोन के जरिये पुष्प वर्षा की गई. इस मंदिर पर चलता रहेगा अखंड रामायण पाठहनुमान जयंती के उपलक्ष्य में हर साल की तरह इस साल भी प्रसादी और भंडारे का आयोजन किया गया. नवीन मंडी यार्ड के अध्यक्ष रघुवीर सिंह टुंडा ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हनुमान मंदिर पर अखंड रामायण पाठ शुभारंभ किया गया, जो प्रभु इच्छा तक हमेशा चलता रहेगा.
