राजस्थान पुलिस में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और अपराध नियंत्रण के साथ सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डूंगरपुर जिले से शुरू की गई युवा CLG सदस्य योजना अब पूरे प्रदेश में लागू कर दी गई है. डूंगरपुर पुलिस की इस पहल को राज्य स्तर पर सराहना मिलने के बाद इसे राजस्थान के अन्य जिलों में भी लागू किया गया है.
जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में डूंगरपुर पुलिस ने युवाओं को पुलिस और समाज के बीच मजबूत कड़ी के रूप में जोड़ने की पहल की. इसके तहत 'वागड़ वीर यूथ CLG सदस्य' बनाए गए और युवाओं को सामाजिक सरोकारों के साथ-साथ अपराध के प्रबंधन एवं नियंत्रण में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए जोड़ा गया.
मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुई सराहना
पुलिस के मुताबिक, रेंज स्तर की बैठक में पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में डूंगरपुर से युवा CLG सदस्य बनाने की पहल शुरू की गई थी. इसका उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा और सक्रियता को सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करना था. युवाओं को पुलिस के साथ समन्वय कर समाज में शांति, कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया.
डूंगरपुर से शुरू हुई इस पहल को राज्य स्तर पर भी पहचान मिली. मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने इस मॉडल की सराहना की. इसके बाद युवा CLG सदस्य योजना को पूरे राजस्थान में लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया.
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एक साल में 75 हजार से ज्यादा युवा जुड़े
पुलिस के अनुसार, योजना के तहत अब तक पूरे प्रदेश में 75 हजार से अधिक युवाओं को CLG सदस्य के रूप में जोड़ा जा चुका है. पिछले एक वर्ष में युवाओं को जोड़ने का यह अभियान लगातार जारी है और आने वाले समय में इसकी संख्या और बढ़ने की उम्मीद है.
अपराध नियंत्रण में युवाओं की भूमिका पर जोर
युवा CLG योजना के जरिए पुलिस का फोकस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने पर भी है. पुलिस और युवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर अपराध से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी साझा करने, सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने में मदद मिल सकती है.
डूंगरपुर से शुरू हुई यह पहल अब प्रदेशव्यापी मॉडल बन चुकी है. पुलिस का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से पुलिस-पब्लिक के बीच विश्वास मजबूत होगा और अपराध नियंत्रण के साथ सामाजिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी.
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