अजमेर में नाबालिग बच्ची को बेचने के मामले में अजमेर पुलिस और जिला प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. दरगाह थाना क्षेत्र में महिला आरोपियों के मकानों पर प्रशासन का हथौड़ा चल रहा है. कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात है. हथौड़ा एक्शन नूरजहां, अफसाना और बिजली नाम की महिलाओं के घरों पर चल रहा है. 

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जानकारी के मुताबिक दरगाह थाना क्षेत्र में अंदरकोट और नई सड़क इलाके समेत तीन स्थानों पर आरोपियों के मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है. दरगाह क्षेत्र की गलियां काफी संकरी होने के कारण यहां बुलडोजर नहीं पहुंच सकता. ऐसे में प्रशासन की टीम ने हथौड़े से मकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की. मकानो को तोड़ने के लिए नगर निगम की तरफ से 50 से ज्यादा मजदूर लगाए गए हैं. 

अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के किए गए पुख्ता इंतजाम 

कार्रवाई को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई की निगरानी कर रही है. इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने गंभीर और संगठित अपराध में शामिल लोगों को सख्त संदेश देने की कोशिश की है. प्रशासन का कहना है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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अवैध मकान पाने पर हथौड़े से तोड़कर की जा रही कार्रवाई

अजमेर शहर के एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ के मुताबिक पुलिस ने नाबालिग बच्ची को बेचने की महिला आरोपियों की संपत्तियों की जांच को लेकर नगर निगम से कार्रवाई करने की सिफारिश की थी. नगर निगम ने जांच में इनके मकानों को अवैध पाया. नगर निगम के जोनल अधिकारी अशोक चौधरी का कहना है कि इन आरोपियों के मकान सरकारी जमीनों पर बने हुए थे. रास्ता संकरा होने की वजह से इन्हें बुलडोजर के बजाय हथौड़े से तोड़ना जा रहा है. 

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