जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी घमासान जारी है. इस बीच जयपुर की हवामहल सीट से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सवाल उठाया, "क्या इस देश को अब छिपकली-कॉकरोच या तिलचट्टे इस प्रकार के लोग चलाएंगे. बड़ा हास्यपद है."

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उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश का जिस तरह से ऐतिहासिक विकास हुआ है, देश और दुनिया में भारत का गौरव बढ़ा है. युवाओं को विशेष योजनाओं के द्वारा आगे बढ़ाया गया है. भले ही वह खेलकूद आदि हो या फिर उद्यमियों के लिए व्यापार हो. पीएम मोदी के कार्यकाल में ऐतिहासिक काम हुआ है लेकिन कुछ लोगों ने षडयंत्र रचा, हमारे युवाओं को भड़काने का काम किया."

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पेपर लीक को लेकर क्या बोले बीजेपी विधायक?

बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने पेपर लीक को लेकर कहा, "हम लोग कतई इसके पक्ष में नहीं हैं. राजस्थान सरकार ने इसके लिए कड़े कानून बनाए. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पेपर लीक माफियाओं को खत्म करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए और लगभग 99 प्रतिशत ये काम हो गया है."

उन्होंने आगे कहा कि फिर भी इस तरह की घटनाएं घटी तो वह दुखद हैं. उन्होंने आगे कहा, "कोई भी जानबूझकर इस प्रकार का काम नहीं करता है, लेकिन जिन लोगों ने किया है वह सजा के हकदार हैं और उनकी सजा होगी. इसलिए हमारी सरकार और पीएम मोदी ने बोला हुआ है."

उन्होंने आगे कहा, "ठीक है युवाओं में गुस्सा था, लेकिन क्या युवाओं के उस आंदोलन में ऐसे लोग थे जो देश में अराजकता फैलाना चाहते थे. क्या देशद्रोही लोगों का इसमें हाथ था. इस प्रकार की नारेबाजी करना, देश के टुकड़े की बात करना और आगजनी, दुर्घटनाएं, पुलिसकर्मियों से मारपीट, अभद्र टिप्पणियां जैसी भाषा का उपयोग करना यह बड़ा चिंता का विषय था क्योंकि युवा तो इस प्रकार से नहीं करते."

बालमुकुंद आचार्य ने जेन-जेड को लेकर भी दी प्रतिक्रिया

बालमुकुंद आचार्य ने जेन-जेड को लेकर कहा, "Gen-Z को लेकर भारत का नहीं बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान केंद्रित है और युवाओं पर इस भारत के उज्जवल भविष्य की जिम्मेदारी है." उन्होंने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान ने जवाबदेही और नैतिक आचरण का सर्वोच्च उदाहरण पेश करते हुए पहले ही इस्तीफा दे दिया है." 

हालांकि, मनीष सिसोदिया ने एक बार कहा था कि अगर उनके कार्यकाल में पेपर लीक होता है तो वे इस्तीफा दे देंगे. फिर भी, मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पंजाब में छह या सात पेपर लीक हो चुके हैं. सभी विपक्षी दलों ने मिलकर एक खास तरह का माहौल बनाने की साजिश रची.

उन्होंने आगे कहा, "अगर आपने पीएम मोदी को सुना, समझा और देखा है तो यदि आपने 2014 में उनके काम की प्रकृति को समझा होता, तो आपको पता चलता कि उन्होंने हमेशा युवाओं को प्राथमिकता दी है. किसानों, युवाओं और महिला सशक्तिकरण से संबंधित मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है, और सबसे गरीब लोगों के कल्याण के लिए ठोस कार्रवाई की गई है."

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