पंजाब में आप सरपंच हरबरींदर सिंह की हत्या के मामले ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. इस गंभीर घटना को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद इस मामले की समीक्षा की है. सरकार ने साफ किया है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.
डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बुधवार (18 फरवरी) को फिरोजपुर रेंज के डीआईजी स्नेहदीप शर्मा और तरनतारन के एसएसपी सुरेंद्र लांबा को जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में लाया जाए.
साथ ही लापरवाही के आरोप में डीएसपी पट्टी जगबीर सिंह और सरहाली थाना प्रभारी गुरविंदर सिंह को निलंबित कर दिया गया है.
शादी समारोह में मारी गई गोली
जानकारी के मुताबिक, हरपिंदर सिंह को उस समय गोली मार दी गई जब वे सरहाली थाना क्षेत्र के सिद्धू फार्म में एक विवाह समारोह में मौजूद थे. दो अज्ञात हमलावरों ने अचानक फायरिंग कर दी. घायल हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.
घटनास्थल पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने हमलावरों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उसके पैर में गोली लग गई. फिलहाल उसका इलाज चल रहा है.
एसएसपी सुरेंद्र लांबा के मुताबिक अब तक की जांच में किसी तरह की धमकी या रंगदारी का मामला सामने नहीं आया है. शुरुआती जांच से लग रहा है कि यह मामला व्यक्तिगत दुश्मनी या बदले की भावना से जुड़ा हो सकता है.
पुलिस ने जांच के लिए 4 टीमें बनाई हैं जो सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं. वहीं एफएसएल की टीम भी मौके पर सबूत जुटा रही है. पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकों से गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी.
