पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है और मामला अब अलग-अलग फॉरेंसिक रिपोर्टों के बीच उलझ गया है. आम आदमी पार्टी ने इस कथित वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई है और दावा किया है कि रिपोर्ट के अनुसार वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान नहीं है.

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पार्टी का कहना है कि जांच के दौरान वीडियो के कुल 1191 फ्रेम का तकनीकी विश्लेषण किया गया, जिसमें चेहरे, कद और शारीरिक बनावट में स्पष्ट अंतर पाया गया. रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की लंबाई लगभग 5 फुट 10 इंच आंकी गई, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान की लंबाई 5 फुट 8 इंच बताई गई है. इसके अलावा साइड और बैक प्रोफाइल, शरीर की बनावट, कंधों और पोश्चर में भी स्पष्ट अंतर मिलने का दावा किया गया है.

अकाल तख्त साहिब ने वीडियो को AI मानने से किया इनकार

आम आदमी पार्टी का कहना है कि इसी आधार पर फॉरेंसिक रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति भगवंत मान नहीं हैं. इस बीच पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल दोपहर तीन बजे पंजाब के डीजीपी से मुलाकात कर कथित वीडियो के संबंध में मामला दर्ज करने की मांग करने जा रहा है. दूसरी ओर, अकाल तख्त साहिब की ओर से कराई गई लैब जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि संबंधित वीडियो AI से तैयार नहीं किया गया है. 

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इसी रिपोर्ट के आधार पर अकाल तख्त ने भगवंत मान को 'गुरु का दोषी' और 'पंथ विरोधी' करार देते हुए सिख समुदाय से उनके सामाजिक बहिष्कार का आदेश जारी किया है. जहां, एक ओर अकाल तख्त की जांच रिपोर्ट वीडियो को AI-निर्मित नहीं मानती है, जबकि दूसरी ओर आम आदमी पार्टी की फॉरेंसिक जांच का दावा है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं है.