Haryana News: हरियाणा सरकार ने अपराधियों, गैंगस्टरों की कमर तोड़ने की पूरी तैयारी कर ली है. प्रदेश के अपराधियों और खैर नहीं है, इसके लिए हरियाणा विधानसभा में हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक- 2023 पारित किया गया है. भारी हंगामे के बीच विधानसभा में बुधवार को यह प्रस्ताव पारित कर दिया गया है. अब इसे राज्यपाल की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति के पास भेजा जाना है. अगर राष्ट्रपति द्वारा इस विधेयक को मंजूरी दे दी जाती है तो यह एक्ट हरियाणा में लागू कर दिया जाएगा.
2020 में भी हो चुका है पारितवही आपको बता दें कि साल 2020 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा इस विधेयक को पहले भी पारित किया जा चुका है. लेकिन राष्ट्रपति द्वारा आईपीसी और एनडीपीएस एक्ट में मौजूद प्रावधानों को लेकर आपत्ति जताई गई थी. तकनीकी आपत्तियों को दूर कर सीएम मनोहर लाल खट्टर द्वारा सदन में अब प्रस्ताव फिर रखा गया था.
कानून को लेकर क्या है सजा का प्रावधानइस एक्ट के तहत किसी भी अपराधी को 2 साल से उम्रकैद तक की सजा हो सकती है, वही 2 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है. इस एक्ट के तहत जब किसी भी अपराधी पर मामला दर्ज होगा तो वह अंतिम 10 सालों के अंदर अगर कम से कम 2 संगठित अपराधों में संलिप्त पाया जाए और इस अपराध में एक से अधिक व्यक्ति शामिल हो. वही इस एक्ट में मामला दर्ज करने से पहले डीआईजी स्तर के अधिकारी की अनुमति लेनी होगी. निचले स्तर के अधिकारी इस एक्ट के तहत केस दर्ज नहीं कर सकेंगे. इसके अलावा डीएसपी स्तर के अधिकारी ऐसे मामलों की जांच करेंगे.
कांग्रेसी विधायकों ने किया विरोधमुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा जब विधानसभा विधेयक पारित करने के लिए चर्चा की जा रही थी इस दौरान कांग्रेस के विधायकों ने इसका कड़ा विरोध किया. उनका कहना था कि जल्दबाजी में कोई भी प्रस्ताव पारित ना करें. उनका कहना था कि विधेयक में कुछ ऐसी चीजें है जिससे आम व्यक्ति के अधिकार प्रभावित हो सकते है. वही इसपर सीएम खट्टर ने कहा कि पूरी तरह से विचार और मंथन के बाद इस प्रस्ताव को लाया गया है.
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