पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद बुधवार (6 मई) को भी ममता बनर्जी ने कहा कि वो सीएम पद से इस्तीफा नहीं देंगी. इस पर वारिस पठान ने नसीहत भरे लहजे में कहा कि हारने वाले कोशिश करते रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि हार-जीत तो होती रहती है.

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ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "जनता के जनादेश को सबको स्वीकार करना चाहिए. जो जीता वो भी, जो हारा वो भी. जो जीते हैं उन्हें मुबारकबाद पेश करता हूं. जो आज किसी चीज की वजह से नहीं जीत पाए हैं वो कल जीतेंगे. कोशिश करते रहना, यही जिंदगी की रीत है. हार के बाद ही जीत है." इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लेकिन दंगा-फसाद नहीं होना चाहिए. हिंसा का मैं पहले भी खंडन करता रह हूं.

सबको कानून को फॉलो करना है- वारिस पठान

AIMIM नेता ने आगे कहा, "सबको कानून को फॉलो करना है. कायदा-कानून का पालन करना ही पड़ेगा. लेकिन बंगाल के अंदर हमको जंगलराज दिख रहा है. पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि जो ऐसा करते हैं उनको फौरी पर गिरफ्तार करे. आप जीते हैं खुशी मनाइए. जो हारे वो आत्मचिंतन करें. लेकिन इस तरह से दंगा-फसाद क्यों कर रहे हैं. आगजनी कर देना, मैं समझता हूं ये बिल्कुल गलत है."

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वंदे मातरम पर क्या बोले?

वहीं, वंदे मातरम पर उन्होंने कहा, "हम वंदे मातरम का आदर करते हैं, सम्मान करते हैं. जिसको पढ़ना है वो पढ़ें. जन गण मन हमारा राष्ट्रगान है, हम शौक से पढ़ते हैं. दिल खोलकर पढ़ते हैं. हम अपने आप को इसे पढ़ने में गर्व महसूस करते हैं. लेकिन वंदे मातरम में कुछ ऐसी पंक्तियां हैं जो मुसलमान के लिए सही नहीं हैं. संविधान का आर्टिकल 25 फ्रीडम टू प्रैक्टिस रिलीजन इजाजत देता है कि आप अपना रिलीजन प्रैक्टिस करो, मैं अपना रिलीजन प्रैक्टिस करूंगा."

इसके आगे उन्होंने कहा, "अगर हमारे रिलीजन के अंदर ऐसा है कि ये नहीं बोलना है तो संविधान प्रोटेक्ट करता है. आप उसको जबरन किसी के ऊपर उसको थोप नहीं सकते. ये मैं समझता हूं कि सरासर गलत है. आप किसी को भी किसी चीज के लिए जबरन फोर्स नहीं कर सकते. आप पढ़िए न, हम आदर सम्मान करते हैं लेकिन आप अनिवार्य नहीं कर सकते."

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