शिवसेना यूबीटी के चीफ और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश में ही नहीं दुनिया में इस बात की चर्चा है कि हमारे जेन-जी ने कैसे सरकार को घुटनों पर लाया. उन्होंने कहा कि देश में कम दबाव की हवाएं चलने लगी है. ये तूफान के आने से पहले की शांति है. प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की उनके साथ बात करने की हिम्मत नहीं है. हर कोई उनसे जवाब मांग रहा है कि आप ने एक मंत्री का इस्तीफा ले लिया उससे ये मामला रुकता नहीं है. पीएम युवाओं को मिलते नहीं है लेकिन अचानक रात को फ्रेंड्स कहते हैं.
रांची में छात्रों के आंदोलन पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि झारखंड में भी बच्चों के साथ अन्याय हुआ है. उनकी बात सरकार को सुननी चाहिए. उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ी तो मैं भी जाऊंगा."
'अब खुद इंस्टग्राम से सरकार चलाने लगे हैं'
उद्धव ठाकरे ने कहा, "मैं जब सरकार में था तो मुझे कहते थे कि मैं फैसबुक से सरकार चलाता हूं. लेकिन अब खुद इंस्टग्राम से सरकार चलाने लगे हैं. वो गद्दार जिन्होंने शिवसेना छोड़कर 'शाह सेना' बनाया है उन्होंने कल जाकर पीएम से मुलाकात की. पीएम को उनसे मिलने का टाइम है लेकिन युवाओं से मिलने का टाइम नहीं है. आप इन गद्दारो से मिलते हैं लेकिन युवाओं से नहीं मिल पाए."
पूर्व सीएम ने कहा कि पिछले 4 साल से शिवसेना मामले की सुनवाई लंबित है. हमारी अपेक्षा बस इतनी है कि संविधान के हिसाब से फैसला हो.न्यायालय पर पूरा भरोसा है. हम कोर्ट में यह मुद्दा रखेंगे कि जब यह मामला चल रहा है उस दौरान पीएम से मिलना मामले को प्रभावित करता है.
शरद पवार के सांसद पीएम मोदी से मिलने वाले हैं, इस पर उन्होंने कहा, "जिसको संविधान बचाना है, जो संविधान के साथ हैं, वो हमारे साथ रहेंगे. मुझे दूसरों की पार्टी पर नहीं बोलना है."
मोहन भागवत का नाम लेकर क्या बोले?
इसके साथ ही उन्होंने कहा, "मोहन भागवत ने युवाओं से बात करने की कोशिश की लेकिन उनकी बात युवा सुनने के लिए तैयार नहीं हैं. युवा उनसे कह रहे हैं कि आप प्रवचन क्यों दे रहे हैं. युवा कह रहे है कि आप अमित शाह का इस्तीफा लें."
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