शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमला बोला है. भारतीय कामगार सेना की 58वीं वार्षिक आम सभा में बोलते हुए उन्होंने राज्य और देश की राजनीति, श्रमिक क्षेत्र में बढ़ती ठेकेदारी प्रवृत्ति को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. साथ ही, राज्य में महिलाओं पर अत्याचार का मामला उठाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की. उन्होंने सवाल उठाया कि आज जो स्थिति हम देख रहे हैं, उस पर क्या बोलें? क्या बोलने से कुछ बदलने वाला है?

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उन्होंने कहा, “हमने जो दिशा चुनी है, उसी पर आगे बढ़ना है यही इस सभा का उद्देश्य है. 1966 में शिवसेना की स्थापना के समय दत्ता सालवी जैसे लोग नौकरी छोड़कर हमारे साथ जुड़े. बालासाहेब ने कहा था यहाँ कुछ नहीं है, अंधेरा है फिर भी वे डटे रहे. उनकी इसी जिद के कारण लाखों लोगों को रोजगार मिला.”

लोग बिक रहे हैं- उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, “लोग आते-जाते रहते हैं, लेकिन उनके कर्म उनके साथ जाते हैं. ‘आगे बढ़ो’ कहते हैं, लेकिन क्या आप साथ रहेंगे? आज ‘सब कुछ मुझे चाहिए’ जैसी प्रवृत्ति चल रही है. अगर जाना है तो जाइए, लेकिन जो जा चुके हैं उनकी हालत पूछिए. लोग बिक रहे हैं, यूनियन क्षेत्र में भी दुकानदारी शुरू हो गई है.” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हालात और मजदूरों की स्थिति का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर अप्रत्यक्ष हमला किया और कहा कि बाहर काम कर रहे भारतीय मजदूर देश लौटने से डर रहे हैं क्योंकि यहां बेरोजगारी है.

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'हम हिंदू हैं, बुर्के क्यों फाड़ेंगे'

सीएम देवेंद्र फडणवीस के बयान पर पलटवार करते हुए ठाकरे ने कहा, “आप कहते हैं विरोधियों के बुर्के फाड़ेंगे. हम हिंदू हैं, बुर्के क्यों फाड़ेंगे? क्या आप लोकसभा में थे? अगर महिला आरक्षण की इतनी चिंता है, तो संसद के उद्घाटन और अयोध्या राम मंदिर समारोह में राष्ट्रपति को क्यों नहीं बुलाया गया? क्या इसलिए कि वे आदिवासी हैं?” उन्होंने आगे कहा कि महिला आरक्षण लागू किया जाना चाहिए और बेरोजगारी, जनसंख्या और संसाधनों पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए.

ममता बनर्जी शेरनी की तरह लड़ रही हैं- उद्धव ठाकरे

ठाकरे ने कहा, “आज बीजेपी में अरुण जेटली जैसे नेता नहीं हैं. ममता बनर्जी शेरनी की तरह लड़ रही हैं और उन्हें जीतना चाहिए.” उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि अन्य राज्यों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने आगे कहा, “योगी आदित्यनाथ और हमारे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उधर चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, जबकि यहां महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं, ड्रग्स के मामले सामने आ रहे हैं लेकिन इन्हें बंगाल जीतना है.” 

पहलगाम हमले का जिक्र कर क्या बोले ठाकरे

पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक साल बाद भी कई सवाल के जवाब नहीं मिले हैं. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “100 दिन भेड़ की तरह जीने से बेहतर है एक दिन शेर की तरह जियो. ED और CBI को किनारे रखकर मुकाबला करो, फिर देखो शिवसेना कैसे लड़ती है.”

'महाराष्ट्र धर्म' देश को बचा सकता है- उद्धव ठाकरे

अपने भाषण के अंत में उद्धव ठाकरे ने छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज और ताराराणी के योगदान को याद करते हुए कहा कि अन्याय के खिलाफ खड़ा होना ही 'महाराष्ट्र धर्म' है और यही विचार देश को बचा सकता है.

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