केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र से एकनाथ शिंदे गुट की प्रतिक्रिया भी आई है. शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने सोशल मीडिया पोस्ट कर लिखा, "अंतत: सरकार ने नन्हें बच्चों की भावनाओं का सम्मान किया. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. आंदोलन की कामयाबी पर भारत के नौजवानों को असीम बधाइयां. अब आप आंदोलन वापस लीजिए."
संजय निरुपम ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा, "अपने-अपने घर जाइए. अगली परीक्षा की तैयारी कीजिए. अपने-अपने करियर पर ध्यान दीजिए. सरकार आपके उज्जवल भविष्य के प्रति वचनबद्ध है."
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प्रदर्शनकारी छात्रों की जीत पर क्या बोले अभिजीत दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा नीट पेपर लीक विवाद से जुड़े मामलों में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और प्रश्नपत्र लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने की मांग कर रही है.
प्रधान के इस्तीफे पर अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन की ‘पहली जीत’ बताया और यह भी कहा कि बाकी मांगें, जैसे पीड़ित परिवारों को मुआवजा देना और पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करना, अभी पूरी होनी बाकी हैं. दीपके ने कहा, "जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाना चाहिए. ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए." CJP ने तीन शब्दों में सोशल मीडिया पोस्ट कर खुशी जताई और लिखा, "हम जीत गए!"
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